भारतीय मूल के अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री डॉ. अनिल मेनन ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में मतदान कर एक अनूठी मिसाल कायम की है। उन्होंने यह मतदान नासा के अन्य तीन एस्ट्रोनॉट्स के साथ किया, जो इस समय आईएसएस पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह स्टेशन पृथ्वी से 400 किलोमीटर की ऊँचाई पर स्थित है।
स्पेस से वोटिंग का अनोखा तरीका
अनिल मेनन ने अंतरिक्ष से मतदान करने की प्रक्रिया को साझा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए बताया कि स्पेस से मतदान करना संभव है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी क्रू मेंबर्स को इलेक्ट्रॉनिक बैलेट भरने और उसे सुरक्षित तरीके से चुनाव अधिकारियों को भेजने का मौका मिला।
अनिल मेनन इस वर्ष 14 जुलाई को रूसी सोयुज मिशन के माध्यम से आईएसएस पहुंचे थे। उनके साथ डेलाने और वाटकिंस एक अक्टूबर को ‘स्पेसएक्स’ के रॉकेट से वहां पहुंचे। अनिल का मिशन आठ महीने का है और इस दौरान वे कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोग और नई तकनीकों का परीक्षण कर रहे हैं।
अंतरिक्ष में अनुसंधान और विकास
अनिल मेनन का अनुसंधान सेमीकंडक्टर क्रिस्टल बनाने पर केंद्रित है, जिससे सुपर कंप्यूटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक मेडिकल डिवाइसों के लिए बड़े पैमाने पर चिप्स बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, वे एआर और एआई की मदद से स्पेस में अल्ट्रासाउंड करने की तकनीक का परीक्षण कर रहे हैं।
इन प्रयासों का उद्देश्य भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों को और अधिक सरल बनाना और पृथ्वी पर मानव जीवन को बेहतर बनाना है। इस तकनीक के सफल होने पर, भविष्य के बड़े अंतरिक्ष अभियानों में अंतरिक्ष यात्रियों को इलाज के लिए पृथ्वी पर डॉक्टरों के संपर्क की जरूरत नहीं पड़ेगी।
स्पेसवॉक का अनुभव
इससे पहले, अनिल मेनन और सोफी एडेनोट ने स्पेस स्टेशन से बाहर निकलकर कम्युनिकेशन एंटीना लगाने के लिए दो बार स्पेसवॉक किया। यह अनुभव उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा और उन्होंने इसे सफलतापूर्वक पूरा किया।
Source: NDTV India
