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पंजाब के 5 जिलों में पराली जलने के मामलों की बढ़ती संख्या, CAQM ने अधिकारियों को भेजा नोटिस

पंजाब में पराली जलने की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, राज्य के पांच जिलों में 405 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 183 मामलों की अभी तक जांच नहीं की गई है। यह स्थिति पर्यावरण की दृष्टि से गंभीर है और इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

दिल्ली में वायु गुणवत्ता का संकट

दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बुधवार को 377 तक पहुंच गया, जो कि बहुत खराब श्रेणी में आता है। यह आंकड़ा प्रदूषण के बढ़ते स्तर को दर्शाता है, जो मुख्यतः पराली जलाने से प्रभावित हो रहा है।

पंजाब में एक ही दिन में पराली जलाने की 584 घटनाएं दर्ज की गईं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। आयोग ने स्थिति की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने के लिए नोटिस जारी किया है।

CAQM की कार्रवाई और पर्यावरण सुरक्षा

CAQM ने पंजाब सरकार के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि उन्हें इस मुद्दे को गंभीरता से लेना होगा। अगर समय पर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह स्थिति और भी बिगड़ सकती है, जिसका असर न केवल पंजाब बल्कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों पर भी पड़ेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि पराली जलाने से न केवल वायु गुणवत्ता प्रभावित होती है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। ऐसी स्थिति में, सरकार को प्रभावी उपायों को लागू करने की आवश्यकता है ताकि किसानों को पराली जलाने से रोका जा सके और पर्यावरण की सुरक्षा की जा सके।

इस तरह की घटनाओं की निरंतरता से यह स्पष्ट होता है कि पंजाब में पर्यावरणीय संकट गहरा रहा है। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल कदम उठाने चाहिए ताकि इस समस्या का समाधान किया जा सके और वायु गुणवत्ता को सुधारा जा सके।

Source: NDTV India

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