पंचकूला के सरकारी स्कूल में 6 वर्षीय बच्ची पर हुए हमले के मामले ने एक नया कानूनी मोड़ ले लिया है। इस मामले में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आरोपी 8 वर्षीय बच्चे को जमानत दे दी है। साथ ही, बोर्ड ने सोशल मीडिया से इस घटना से संबंधित सभी वीडियो, फोटो और सामग्री को हटाने का आदेश भी जारी किया है।
जमानत और सामग्री हटाने के आदेश
आरोपी बच्चे के पिता ने जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट, 2015 की धारा 74 के तहत एक आवेदन दायर किया था। इसमें उन्होंने मांग की थी कि सोशल मीडिया और अन्य सार्वजनिक मंचों पर वायरल हो रहे वीडियो और फोटो को हटाया जाए, जो आरोपी बच्चे की पहचान उजागर कर रहे हैं।
बोर्ड ने इस आवेदन को स्वीकार करते हुए जांच अधिकारी को आदेश दिया कि वे संबंधित सामग्री को सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों से हटवाएं। इसके लिए 27 नवंबर तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने की भी निर्देश दिए गए हैं।
माता-पिता की भूमिका और जिम्मेदारी
सुनवाई के दौरान आरोपी बच्चे के पिता ने जमानत याचिका भी दायर की, जिसमें उन्होंने बच्चे के आपराधिक रिकॉर्ड न होने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि ऑब्जर्वेशन होम में रहने से बच्चे की शिक्षा और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
माता-पिता ने बच्चे की काउंसलिंग, व्यवहार सुधार और पुनर्वास की जिम्मेदारी लेने का आश्वासन दिया। इसके आधार पर बोर्ड ने बच्चे को जमानत दे दी है।
घटना की पृष्ठभूमि
यह घटना 28 अक्टूबर को पंचकूला के सरकारी स्कूल में हुई थी, जब एक 8 वर्षीय बच्चे पर आरोप लगा कि उसने 6 साल की बच्ची पर ईंट से हमला किया, उसे बेंच से पटका और टाई पकड़कर घसीटा। इस हमले में बच्ची बेहोश हो गई थी और उसे पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती करवाया गया था।
बच्ची को अब अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और वह अपने घर लौट आई है। इस मामले में आरोपी बच्चे को जमानत मिलने और सोशल मीडिया से वीडियो हटाने के आदेश के बाद कानूनी बहस छिड़ गई है।
Source: NDTV India
