हरियाणा के गुरुग्राम में एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पुलिस की तत्परता और इंसानियत की मिसाल पेश की। गुरुग्राम के सेक्टर-68 में एक गर्भवती महिला सड़क किनारे प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी। उसकी हालत गंभीर थी और उसे तुरंत मदद की जरूरत थी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
एम3एम मरीना के पास चाय का ठेला लगाने वाली उर्मिला नामक महिला ने गर्भवती महिला की स्थिति देखी और बिना समय गंवाए पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस की इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV-235) की टीम 5 से 7 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच गई।
पुलिसकर्मी ईएचसी संदीप और ड्राइवर कॉन्स्टेबल संदीप ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए देखा कि महिला को अस्पताल ले जाना जोखिम भरा हो सकता था क्योंकि डिलीवरी किसी भी पल हो सकती थी।
स्थानीय महिलाओं की सहायता
पुलिसकर्मियों ने उर्मिला और आसपास मौजूद अन्य स्थानीय महिलाओं को इकट्ठा किया और सड़क किनारे ही सुरक्षित प्रसव की तैयारी की। महिलाओं के सहयोग से पुलिसकर्मियों ने महिला की डिलीवरी कराई, जिसके बाद वहां एक नन्हे बच्चे की किलकारी गूंज उठी।
जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित थे। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने नवजात और प्रसूता को संक्रमण से बचाने और पोस्ट-डिलीवरी केयर के लिए तुरंत अपनी पीसीआर गाड़ी में बैठाकर बादशाहपुर स्थित डिस्पेंसरी पहुंचाया।
चिकित्सकीय देखभाल और सराहना
डिस्पेंसरी पहुंचकर डॉक्टरों को पूरी स्थिति से अवगत कराया गया और जच्चा-बच्चा दोनों को भर्ती कराया गया। समय पर उचित चिकित्सकीय देखभाल मिलने के बाद दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।
इस घटना में दो जिंदगियां बचाने वाले इन जांबाज पुलिसकर्मियों की सूझबूझ और तत्परता की हर कोई सराहना कर रहा है।
Source: NDTV India
