जर्मनी की युवती ने वाराणसी में पाया जीवन का असली अर्थ
जर्मनी की 26 वर्षीय जैस्मीन ने भारत के वाराणसी में आकर अपने जीवन का असली अर्थ पाया। वाराणसी की देव दीपावली का अनुभव करना उनका सपना था, जिसे उन्होंने पूरा किया। भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता से प्रभावित होकर उन्होंने जर्मनी में अपनी स्थायी जीवनशैली छोड़ दी।
