कुमार सानू, जो 90 के दशक के प्रसिद्ध बॉलीवुड गायक रहे हैं, ने अपने करियर में कई हिट गाने दिए हैं। उनकी आवाज़ में गाए गए गाने जैसे ‘मेरा दिल भी कितना पागल है’, ‘सोचेंगे तुम्हें प्यार’, और ‘धीरे धीरे से मेरी जिंदगी में आना’ आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्होंने भोजपुरी संगीत में भी अपना योगदान दिया है।
भोजपुरी गीत की लोकप्रियता
कुमार सानू द्वारा गाया गया भोजपुरी गीत “माई के ममता बाबुल के प्यार” एक बेटी की विदाई के भावुक पल को दर्शाता है। यह गीत फिल्म ‘दुल्हा अलबेला’ का हिस्सा है और इसे श्रोताओं ने खूब सराहा है। इस गीत में बेटी की विदाई के समय का दर्द और माता-पिता के प्रति उसकी भावनाओं का सुंदर चित्रण किया गया है।
गीत की शुरुआत उस समय से होती है जब शादी की रस्में समाप्त हो चुकी होती हैं और बेटी को अपने मायके से विदा होना होता है। घर में खुशी और बिछड़ने के दर्द का मिश्रण देखा जा सकता है।
गीत के बोल और भावार्थ
इस गीत के बोल श्याम देहाती ने लिखे हैं और संगीतकार राजेश और रजनीश ने इसे संगीतबद्ध किया है। कुमार सानू के साथ खुशबू जैन ने इसे गाया है। गीत के बोल बताते हैं कि एक बेटी के लिए उसकी मां का प्यार और पिता का सहारा सबसे मूल्यवान होते हैं।
मां ने उसे बचपन से प्यार और संस्कार दिए, जबकि पिता ने उसे हर कदम पर सहारा दिया। लेकिन परंपराओं के कारण उसे एक दिन अपने घर को छोड़कर ससुराल जाना पड़ता है। यह गीत न केवल विदाई की कहानी है, बल्कि माता-पिता और संतान के अटूट रिश्ते की भी याद दिलाता है।
गीत की स्थायी लोकप्रियता
“माई के ममता बाबुल के प्यार” गीत 2011 में रिलीज़ हुआ था और आज भी यह बिहार में बेटी की शादी के अवसर पर विशेष रूप से बजाया जाता है। इस गीत को मोनालिसा पर फिल्माया गया है और यह यूट्यूब पर भी काफी लोकप्रिय है।
कुमार सानू के इस गीत ने भोजपुरी संगीत प्रेमियों के दिलों में एक विशेष स्थान बना लिया है, और यह आज भी श्रोताओं के बीच लोकप्रिय है।
Source: NDTV India
