⚡ Breaking News

महिला ने अकेले चुकाया 43 लाख का लोन, बेटे को बनाया गवाह

बेंगलुरु की एक महिला, अर्पिता राव, ने अपने जीवन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने 43 लाख रुपये का एजुकेशन लोन अकेले चुकाया। इस सफर में उन्होंने अपने तीन वर्षीय बेटे को भी शामिल किया, जिसे वह बैंक ले गईं ताकि वह इस खास क्षण का गवाह बन सके।

संघर्षपूर्ण शुरुआत

अर्पिता की कहानी संघर्षों से भरी है। जब वह 18 साल की थीं, तब उनके पिता ने आर्थिक मदद देना बंद कर दिया था। इसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए एजुकेशन लोन लिया। इस दौरान उनकी बहन ने उन्हें पॉकेट मनी देकर सपोर्ट किया।

22 साल की उम्र में अर्पिता ने नौकरी शुरू की और अपने परिवार की जिम्मेदारी भी उठाई। उन्होंने इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए किया, जिसके लिए उन्हें 43 लाख रुपये का लोन लेना पड़ा। इस लोन को चुकाने में उन्हें 8 साल लग गए।

लोन चुकाने का जश्न

अर्पिता ने लोन की अंतिम किस्त भरने का जश्न मनाया और इस क्षण को अपने बेटे के साथ साझा किया। उन्होंने अपने बेटे को बैंक ले जाकर उसे इस यात्रा का हिस्सा बनाया। अर्पिता ने बताया कि उनके बेटे के लिए बैंक के सिक्योरिटी गार्ड की बंदूक को छूना सबसे मजेदार अनुभव था।

अर्पिता ने लिंक्डइन पर अपनी इस यात्रा की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि उनके कुछ सहपाठियों ने अपने लोन को जल्दी चुका दिया था, लेकिन उन्हें अपने परिवार की जिम्मेदारी अकेले उठानी पड़ी।

नई शुरुआत

अब जब अर्पिता कर्ज मुक्त हो चुकी हैं, वह अपनी खुद की कोचिंग और एडवाइजरी प्रैक्टिस शुरू कर रही हैं। अर्पिता का मानना है कि यह उनके जीवन का एक नया अध्याय है।

यह कहानी अर्पिता राव की लिंक्डइन पोस्ट पर आधारित है और इसमें उनके द्वारा साझा किए गए अनुभवों को शामिल किया गया है।

Source: NDTV India

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *