⚡ Breaking News

लखनऊ के KGMU में लव जिहाद और धर्मांतरण की जांच से खलबली

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में कथित लव जिहाद और धर्मांतरण के मामलों ने राज्य के प्रशासन को सक्रिय कर दिया है। विशेष कार्य बल (एसटीएफ) द्वारा की गई जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसने शासन और समाज में चिंता बढ़ा दी है।

एसटीएफ रिपोर्ट के खुलासे

एसटीएफ की रिपोर्ट में “इस्लामिक मेडिकोज” नामक एक समूह का जिक्र किया गया है, जो हिंदू लड़कियों को निशाना बनाकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करता था। यह समूह व्हाट्सएप नेटवर्क, पत्रिकाओं और पुस्तिकाओं के माध्यम से अपनी गतिविधियों का संचालन करता था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस समूह का उद्देश्य नए मुस्लिम छात्रों को धार्मिक रूप से संगठित और प्रशिक्षित करना था।

डॉ. रमीज, जो KGMU में रेजिडेंट डॉक्टर थे, ने कथित तौर पर 19 हिंदू लड़कियों से दुष्कर्म का दावा किया था। इस आरोप के बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। KGMU प्रशासन ने भी उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

अधिक मेडिकल कॉलेजों में नेटवर्क का विस्तार

एसटीएफ की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि “इस्लामिक मेडिकोज” नेटवर्क उत्तर प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों में सक्रिय था। इसमें एसएनएमसी आगरा के पासआउट मो. कैफ और KGMU के मो. एहसान, अमन मलिक, शदन शमीम, मो. अयान, मो. जहीर, मो. अमन और शाबिर खान जैसे नाम शामिल हैं। इन व्यक्तियों पर हिंदू महिला रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ करीबी संबंध बनाने और उन्हें इस्लामिक विचारधारा से जोड़ने की कोशिश करने का आरोप है।

सरकारी कार्रवाई और आगे की जांच

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले पर गंभीरता से ध्यान देते हुए KGMU प्रशासन को एसटीएफ रिपोर्ट की प्रतिलिपि भेजी है और विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया है। रिपोर्ट में KGMU में कार्यरत 12 अन्य लोगों के नाम भी हैं, जिन पर धार्मिक भेदभाव का आरोप है।

एसटीएफ की रिपोर्ट में एक महिला प्रोफेसर का भी जिक्र है, जो कथित तौर पर “इस्लामिक मेडिकोज” से जुड़े लोगों का समर्थन करती थीं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि क्या इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी जाएगी।

Source: NDTV India

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *