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आज का पंचांग 6 नवंबर 2026: धनतेरस पर पूजा के लिए विशेष मुहूर्त, जानें राहुकाल सहित सम्पूर्ण पंचांग

आज 6 नवंबर 2026 को धनतेरस का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसे धन और समृद्धि के पर्व के रूप में देखा जाता है। इस दिन लोग अपने घरों में लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं और नए बर्तन या आभूषण खरीदने की परंपरा का पालन करते हैं।

धनतेरस के दिन, हस्त नक्षत्र और विष्कुम्भ योग का संगम हो रहा है, जो कि इस पर्व की पूजा के लिए अत्यंत शुभ मना जाता है। हस्त नक्षत्र में किया गया कोई भी कार्य विशेष फल देने वाला माना जाता है। इसके साथ ही, विष्कुम्भ योग भी समृद्धि और शुभता का प्रतीक है।

इसके अतिरिक्त, करण का भी विशेष ध्यान रखा गया है। आज सुबह 10 बजकर 30 मिनट तक तैतिल करण रहेगा, जो कि पूजा और विशेष कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। इसके बाद गर करण का समय आएगा, जिसका उपयोग भी विभिन्न धार्मिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।

धनतेरस पर पूजा का महत्व

धनतेरस पर पूजा का आयोजन करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन देवी लक्ष्मी का स्वागत करने के लिए घरों में दीप जलाए जाते हैं और विभिन्न प्रकार के मिठाइयों का भोग लगाया जाता है। लोग इस दिन सोने, चांदी और नए बर्तन खरीदते हैं, जो कि समृद्धि और सुख-समृद्धि का प्रतीक होते हैं।

धनतेरस के अवसर पर, लोग अपने परिवार के साथ मिलकर पूजा करते हैं और एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं। यह पर्व न केवल आर्थिक समृद्धि के लिए, बल्कि परिवार में प्रेम और एकता को बढ़ावा देने के लिए भी मनाया जाता है।

राहुकाल का समय

राहुकाल का समय भी आज के पंचांग में महत्वपूर्ण है। राहुकाल के दौरान किसी भी नए कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। आमतौर पर राहुकाल का समय सुबह से लेकर दोपहर तक रहता है, लेकिन इसे जानकर सही समय पर पूजा और अन्य कार्यों को संपन्न करना आवश्यक है।

इस प्रकार, धनतेरस का पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह आर्थिक समृद्धि और पारिवारिक बंधनों को मजबूत करने का भी अवसर प्रदान करता है। सभी को इस दिन की शुभकामनाएं।

Source: NDTV India

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