भारत ने तकनीकी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तीन नए स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल्स को पेश किया है। ये मॉडल्स भारतीय उपयोगकर्ताओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किए गए हैं। इनका उद्देश्य विदेशी AI मॉडल्स पर निर्भरता को कम करना है।
नई दिल्ली में हुआ बड़ा ऐलान
भारत सरकार ने 6 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में इन मॉडलों का उद्घाटन किया। इन मॉडलों के नाम EKA-1, Dhir 2B और Dhir 5B हैं। ये सभी मॉडल देश में ही विकसित किए गए हैं और इन्हें इंडियाएआई मिशन के तहत आईटी मंत्रालय के सहयोग से पेश किया गया है।
इन मॉडलों में दो मॉडल्स, Dhir 2B और Dhir 5B, बिना इंटरनेट के भी कार्य करने की क्षमता रखते हैं। यह विशेषता इन्हें खास बनाती है क्योंकि इससे वे दूरस्थ क्षेत्रों में भी उपयोग किए जा सकते हैं जहां इंटरनेट की उपलब्धता सीमित होती है।
भारतीय भाषाओं और व्यापार पर फोकस
इन AI मॉडल्स को विकसित करते समय भारतीय भाषाओं और व्यापारिक आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। ये मॉडल्स भारतीय भाषाओं में काम करने की क्षमता रखते हैं, जिससे स्थानीय उपयोगकर्ताओं के लिए इन्हें समझना और उपयोग करना आसान हो जाता है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारतीय बाजार की विशेष आवश्यकताओं को पूरा करना और देश में AI के उपयोग को बढ़ावा देना है। इन मॉडलों के माध्यम से भारत अपनी तकनीकी स्वतंत्रता को मजबूत कर सकता है।
भविष्य की दिशा
इन स्वदेशी AI मॉडल्स के लॉन्च के साथ, भारत ने तकनीकी क्षेत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है। यह कदम देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये मॉडल्स भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था में एक क्रांति ला सकते हैं और भविष्य में AI के उपयोग को और अधिक व्यापक बना सकते हैं।
Source: BBC World News
