केंद्र सरकार ने अग्निवीर योजना में एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। सूत्रों के अनुसार, अब अग्निवीरों को दो साल के सेवा विस्तार के बाद स्थायी सैनिक बनाने पर विचार किया जा रहा है। इस योजना के तहत, जिन अग्निवीरों ने चार साल की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा।
सेवा विस्तार का उद्देश्य
केंद्र सरकार ने अग्निवीरों के लिए सेवा विस्तार की घोषणा करते हुए बताया कि इस कदम का उद्देश्य अग्निवीरों को सेना में अपनी क्षमता और अनुभव को और बेहतर बनाने का मौका देना है। इस सेवा विस्तार के दौरान अग्निवीरों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसमें उनकी कार्यक्षमता, अनुशासन, और तकनीकी दक्षता को परखा जाएगा।
इस दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि के बाद अग्निवीरों के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें नियमित सैनिक के रूप में शामिल करने पर विचार किया जा सकता है। यह निर्णय चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने साझा किया।
चयन प्रक्रिया और मानदंड
जनरल सुब्रमणि ने बताया कि अग्निवीरों को स्थायी सैनिक बनाने की प्रक्रिया में उनकी इच्छा और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया को ध्यान में रखा जाएगा। चयन के लिए वस्तुनिष्ठ मानदंड अपनाए जाएंगे, जिसमें शारीरिक क्षमता, प्रेरणा, मनोबल, अनुशासन और तकनीकी दक्षता जैसे पहलुओं को महत्व दिया जाएगा।
इस सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों को पहले से अधिक वेतन और सेवा निधि का लाभ मिलेगा, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से भी बेहतर स्थिति में रखा जा सकेगा।
सेवा विस्तार का प्रभाव
चार साल की सेवा के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को भारतीय सशस्त्र सेनाओं में नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाएगा। बाकी 75 प्रतिशत को दो साल का सेवा विस्तार मिलेगा। यह निर्णय उन अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जो सेना में अपनी सेवाएं जारी रखना चाहते हैं।
इस सेवा विस्तार से सशस्त्र सेनाओं को प्रशिक्षित और अनुभवी मानव संसाधन उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
Source: NDTV India
