मन्ना डे, जिन्हें उनके अनोखे गायन शैली के लिए जाना जाता है, ने हिंदी सिनेमा में कई यादगार गाने गाए हैं। इनमें से कुछ गाने जैसे ‘लागा चुनरी में दाग’, ‘प्यार हुआ इकरार हुआ’, और ‘जिंदगी कैसी है पहेली’ आज भी लोकप्रिय हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि मन्ना डे ने एक भोजपुरी रोमांटिक गीत भी गाया था, जिसने 49 साल पहले काशी से लेकर पटना तक धूम मचा दी थी।
भोजपुरी सिनेमा में मन्ना डे का योगदान
1977 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘दंगल’ का गाना “काशी हिले पटना हिले” मन्ना डे का पहला भोजपुरी रोमांटिक गीत था। यह गाना सुजीत कुमार पर फिल्माया गया था, जिन्होंने इस गाने के माध्यम से भोजपुरी सिनेमा में एक नई पहचान बनाई। इस गाने की लोकप्रियता का आलम यह था कि यह न सिर्फ भोजपुरी भाषी श्रोताओं के बीच बल्कि हिंदी भाषी लोगों के बीच भी हिट हो गया था।
गाने के बोल प्रेम की शक्ति को खूबसूरती से दर्शाते हैं और बताते हैं कि प्रेमिका की एक अदा पर पूरा संसार हिलने लगता है। काशी और पटना जैसे ऐतिहासिक शहरों का जिक्र इस गाने को और भी खास बनाता है।
मन्ना डे के अन्य लोकप्रिय गाने
मन्ना डे के गाए अन्य लोकप्रिय गानों में ‘आनंद’ फिल्म का ‘जिंदगी कैसी है पहेली’, ‘श्री 420’ का ‘दिल का हाल सुने दिलवाला’, ‘चोरी चोरी’ का ‘आजा सनम मधुर चांदनी में’, ‘मेरा नाम जोकर’ का ‘ऐ भाई जरा देख के चलो’, ‘वक्त’ का ‘ए मेरी जोहरा जबीन’, और ‘पड़ोसन’ का ‘एक चतुर नार’ शामिल हैं।
इन गानों ने न केवल मन्ना डे को एक अलग पहचान दी बल्कि ये गाने आज भी संगीत प्रेमियों के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं जितने उस समय थे।
संस्कृति और संगीत का संगम
“काशी हिले पटना हिले” गाना आज भी शादी-ब्याह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गूंजता है। इसके बोल और धुन ने इसे सदाबहार बना दिया है। यह गाना उस समय के भोजपुरी सिनेमा के विकास में एक मील का पत्थर साबित हुआ और इसने सुजीत कुमार को सुपरस्टार बना दिया।
Source: NDTV India
