राजस्थान के उदयपुर में भाजपा के अंदरूनी मतभेद ने प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। आगामी जिला परिषद चुनाव की गिनती से पहले ही पार्टी के भीतर असंतोष उभर कर सामने आ गया है। पार्टी ने अपने प्रत्याशियों को एक निजी रिसॉर्ट में ठहराया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी में गहरी आंतरिक कलह चल रही है।
आवश्यकता से अधिक सुरक्षा का प्रबंध
सूत्रों के अनुसार, भाजपा के एक प्रभावशाली उम्मीदवार ने इस बाड़ेबंदी का प्रबंधन किया है। प्रत्याशियों की सुरक्षा के लिए निजी सुरक्षा एजेंसी के सशस्त्र कर्मियों और बाउंसरों को तैनात किया गया है। यह व्यवस्था दीपावली से पहले ही की गई थी, जिससे संगठन के कई वरिष्ठ नेता नाराज हो गए हैं।
इस घटनाक्रम के पीछे प्रदेश संगठन के एक शीर्ष पदाधिकारी का समर्थन होने की बात कही जा रही है। इस कारण स्थानीय स्तर पर खुलकर विरोध नहीं किया जा रहा है।
केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंची शिकायत
इस मामले की शिकायत जयपुर प्रदेश मुख्यालय से दिल्ली स्थित केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाई गई है। पार्टी के भीतर इस बाड़ेबंदी ने आंतरिक अनुशासन और गुटबाजी को सार्वजनिक कर दिया है।
उदयपुर जिला परिषद में कुल 47 में से 38 वार्डों में मतदान हो चुका है, जबकि शेष 9 सीटों पर मतदान के बाद 20 नवंबर को मतगणना होगी। इसके बाद 25 नवंबर को जिला प्रमुख और 26 नवंबर को उप जिला प्रमुख का निर्वाचन होगा।
पार्टी के भीतर गुटबाजी का खुलासा
इस बाड़ेबंदी के चलते पार्टी के भीतर गुटबाजी का खुलासा हुआ है। संगठन के वरिष्ठ नेताओं में इस घटनाक्रम को लेकर नाराजगी व्याप्त है। यह स्थिति चुनाव परिणामों से पहले पार्टी की एकता पर सवाल खड़े कर रही है।
इस घटनाक्रम ने भाजपा के आंतरिक मतभेदों को उजागर कर दिया है, जो आने वाले चुनावों में पार्टी की स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
Source: NDTV India
