रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस वर्ष दिवाली का पर्व सुकना, पश्चिम बंगाल में त्रिशक्ति कोर के साथ मनाया। इस अवसर पर उन्होंने सेना की ऑपरेशनल तैयारियों का निरीक्षण किया और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास हो रहे विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त की।
सीमा पर सैन्य तैयारियों की समीक्षा
राजनाथ सिंह ने सीमा के नजदीक हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सेना न केवल देश की सुरक्षा का जिम्मा उठा रही है, बल्कि सीमावर्ती इलाकों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
इस समीक्षा बैठक में थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन और 33 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल मन राज सिंह मान सहित कई उच्च अधिकारी मौजूद थे।
सैनिकों के साहस की सराहना
दिवाली की पूर्व संध्या पर राजनाथ सिंह ने सैनिकों के साथ बाराखाना कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा कर रहे जवानों के साहस और समर्पण की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सैनिकों की सतर्कता और तत्परता देश की सुरक्षा का सबसे बड़ा आधार है।
सुकना का सामरिक महत्व
रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सुकना सैन्य दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां से अग्रिम चौकियों तक आवश्यक वस्तुएं और सेवाएं पहुंचाई जाती हैं। इसकी संवेदनशील स्थिति को ध्यान में रखते हुए यहां उच्च स्तर की तैयारी बनाए रखना आवश्यक है।
आधुनिक तकनीक और चुनौतियों पर ध्यान
राजनाथ सिंह ने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में सरकार द्वारा किए जा रहे निवेश की चर्चा की और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत भारतीय उद्योगों के योगदान को सराहा। उन्होंने सैनिकों को ड्रोन तकनीक, साइबर सुरक्षा और हाइब्रिड वॉरफेयर जैसी नई चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया।
Source: NDTV India
