अयोध्या में इस बार के दीपोत्सव ने अभूतपूर्व भव्यता का प्रदर्शन किया। सरयू नदी के किनारे पर स्थित 56 घाटों और राम की पैड़ी पर 30 लाख से अधिक दीप जलाए गए, जिससे एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित हुआ। इस भव्य आयोजन का मुख्य आकर्षण राम का राज्याभिषेक था, जो उपराष्ट्रपति डॉ. सी.पी. राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में आयोजित किया गया।
दीपोत्सव की भव्यता
रामनगरी अयोध्या में शनिवार को 10वें दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। साकेत महाविद्यालय से पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति और रामायण प्रसंगों पर आधारित झांकियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ढोल-मंजीरों की गूंज, धोबिया नृत्य और पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे शहर को उत्सव के रंग में रंग दिया। श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने फूल बरसाकर कलाकारों का स्वागत किया।
मथुरा से आई नगाड़ा और बम रसिया की टीम ने भी शानदार प्रदर्शन किया। कलाकारों ने भगवान राम की नगरी में प्रस्तुति देने को अपने लिए गर्व और सौभाग्य का विषय बताया।
अंतरराष्ट्रीय रामलीला और दीप प्रज्ज्वलन
रामकथा पार्क में आयोजित मुख्य समारोह में विभिन्न देशों से आई टीमों ने अंतरराष्ट्रीय रामलीला प्रस्तुत की। पहली बार देश के उपराष्ट्रपति दीपोत्सव के इस आयोजन के साक्षी बने। दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण सरयू तट पर आयोजित दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम रहा। राम की पैड़ी सहित सरयू तट के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप जलाए गए, जिससे पूरी रामनगरी दीपों की रोशनी से जगमगा उठी।
अवध विश्वविद्यालय के करीब 35 हजार स्वयंसेवकों ने इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। दीप प्रज्ज्वलन के बाद सरयू महाआरती में 2,147 अर्चकों ने एक साथ भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान 2,100 ड्रोन की मदद से आसमान में रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मनमोहक प्रदर्शन किया गया, जिसने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़
दीपोत्सव में शामिल होने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक अयोध्या पहुंचे। दीपों की जगमगाहट, लोक संस्कृति, रामलीला और आध्यात्मिक वातावरण के बीच रामनगरी ने एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक विरासत और भव्यता का अद्भुत प्रदर्शन किया।
Source: NDTV India
