गाज़ियाबाद में इंदिरापुरम के विस्तार की योजना अब वास्तविकता बनने जा रही है। गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने इस नई टाउनशिप के लिए अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। यह टाउनशिप दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के किनारे कनावनी गांव में विकसित की जाएगी।
जीडीए की योजना और भूमि अधिग्रहण
गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए 72 हेक्टेयर भूमि को चुना है। प्रारंभिक चरण में 25 हेक्टेयर भूमि पर योजना का कार्य शुरू किया जाएगा, जिसके लिए लेआउट प्लान को मंजूरी मिल चुकी है। अगले कुछ दिनों में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होने की उम्मीद है।
जीडीए ने इस योजना के अंतर्गत सड़क, सीवेज, और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास की भी योजना बनाई है। किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है और उनकी आपत्तियों का निस्तारण किया जा रहा है।
आवासीय और वाणिज्यिक भूखंड
इस योजना में आवासीय और वाणिज्यिक दोनों प्रकार के भूखंड शामिल होंगे। जीडीए ने मध्यमवर्गीय लोगों के लिए एलआईजी और ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स बनाने की योजना बनाई है। इसके अलावा, 300 से 578 वर्ग मीटर के प्लॉट्स भी प्रस्तावित हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार की नई भवन बायलॉज 2025 के तहत, ऊंची सोसायटियों के लिए अधिक एफएआर की अनुमति दी जा रही है, जिससे ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को 5% अतिरिक्त एफएआर मिलेगा।
मधुबन-बापूधाम में 6-लेन आरओबी
गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा मधुबन-बापूधाम में यातायात को सुगम बनाने के लिए 6-लेन रेल ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना की लागत लगभग ₹44.95 करोड़ है।
यह आरओबी एनपीआर रोड को मेरठ रोड से जोड़ेगा और क्षेत्र में यातायात को और सुगम बनाएगा। इसके निर्माण से मधुबन-बापूधाम और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
भूमि अधिग्रहण के विवाद और समाधान
कनावनी गांव की जमीन अधिग्रहण के लिए जीडीए ने 1100 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से खरीद की थी। लेकिन किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, किसानों को 2014 के सर्किल रेट का दोगुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया।
वर्तमान में जीडीए के पास 96 एकड़ भूमि का कब्जा है और बाकी बची भूमि पर किसानों की आपत्तियों का निपटारा किया जा रहा है।
Source: NDTV India
