छठ और दिवाली के त्योहारों के दौरान अपने घर लौटने की कोशिश में लोग ट्रेनों में सफर कर रहे हैं। लेकिन इस दौरान ट्रेनों में इतनी भीड़ हो रही है कि यात्रियों को खड़े होने तक की जगह नहीं मिल रही। स्थिति यह है कि कुछ लोग ट्रेन के गेट पर लटककर सफर कर रहे हैं, तो कुछ ने बिस्तर की चादर बांधकर झूला बना लिया है। कई यात्री तो टॉयलेट में बैठने के लिए मजबूर हो गए हैं।
त्योहार की उमंग और भीड़ की चुनौती
दिवाली और छठ पूजा जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों पर अपने घर पहुंचने की खुशी सभी को होती है। कई लोग महीनों बाद अपने परिवार से मिलने के लिए निकलते हैं, जबकि कुछ अपने बच्चों के साथ त्योहार मनाने के लिए गांव पहुंचना चाहते हैं। लेकिन जब ट्रेन में पैर रखने की जगह भी न मिले तो सफर किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रह जाता।
त्योहार के समय ट्रेनों में भारी भीड़ होती है। लोग किसी भी तरह से अपने घर पहुंचना चाहते हैं, चाहे इसके लिए उन्हें कितनी ही मुश्किलों का सामना क्यों न करना पड़े। यह स्थिति भारतीय रेलवे के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन जाती है।
यात्रियों की परेशानी
उदय गुप्ता, जो चंदौली से रिपोर्ट कर रहे हैं, बताते हैं कि इस समय ट्रेनें खचाखच भरी हुई हैं। यात्री गेट पर लटककर या टॉयलेट में बैठकर सफर करने को मजबूर हैं। ट्रेनों की कमी और भीड़भाड़ के कारण यात्रियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यह स्थिति यात्रियों के लिए असुविधाजनक है और रेलवे के लिए भी एक बड़ी चुनौती है। यात्रियों को समय पर और सुरक्षित तरीके से उनके गंतव्य तक पहुंचाना रेलवे की जिम्मेदारी है, लेकिन मौजूदा स्थिति में यह कार्य कठिन होता जा रहा है।
Source: BBC World News
