रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी स्टारर फिल्म ‘रामायणम्’ बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही है। इस फिल्म ने अपनी रिलीज के पहले दो दिनों में 200 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है। हालांकि, दूसरे दिन घरेलू कमाई में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन फिर भी फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है।
मुकेश तिवारी का सफर और संघर्ष
फिल्म में प्रसिद्ध भारतीय संत अगस्त्य मुनि की भूमिका में मुकेश तिवारी नजर आ रहे हैं। उनके इस किरदार को दर्शकों द्वारा खूब सराहा जा रहा है। मध्य प्रदेश के एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले मुकेश का बॉलीवुड तक का सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा है। एक समय ऐसा भी था जब वे महीने के मात्र 3500 रुपये कमाते थे।
मुकेश ने अपनी पढ़ाई नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से की और वहीं से थिएटर में कदम रखा। अपने संघर्ष के दिनों में उन्होंने ‘रंगमंडल’ के साथ काम किया और उस दौरान थिएटर में अपनी अभिनय क्षमता को निखारा।
फिल्मी करियर की शुरुआत
मुकेश तिवारी की फिल्मी करियर की शुरुआत राजकुमार संतोषी की फिल्म ‘चाइना गेट’ से हुई। इस फिल्म में उन्हें नसीरुद्दीन शाह के माध्यम से अभिनय का मौका मिला। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह कोई मजाक है, लेकिन नसीरुद्दीन शाह ने उन्हें इस अवसर की गंभीरता से पहचान करवाई।
इसके बाद, मुकेश ने ‘गोलमाल’, ‘गंगाजल’, ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’, ‘आरक्षण’, और ‘चक्रव्यूह’ जैसी फिल्मों में खतरनाक विलेन के रूप में अपनी पहचान बनाई। खासकर ‘गोलमाल’ में वसूली भाई के रूप में उनके किरदार ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया।
समाज सेवा में योगदान
मुकेश तिवारी न केवल पर्दे पर बल्कि असल जिंदगी में भी एक हीरो हैं। वे भोपाल, औरंगाबाद और मुंबई के स्कूलों में गरीब बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं। उन्होंने ‘दिव्य मराठी’ को बताया कि इन बच्चों को नहीं पता कि उनकी फीस कौन भरता है, क्योंकि उन्होंने स्कूल प्रशासन से यह बात न बताने का आग्रह किया है।
Source: NDTV India
