छठ पूजा का पर्व भारतीय संस्कृति में सूर्य देव की आराधना का एक पवित्र अवसर है। यह पर्व विशेष रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल में मनाया जाता है। जैसे-जैसे छठ पूजा का समय नज़दीक आता है, बाजारों में रौनक बढ़ने लगती है। इस दौरान पूजा सामग्री, फल, फूल, बांस के सूप और दउरा जैसी वस्तुओं की मांग में वृद्धि होती है।
छठ पूजा सामग्री का व्यवसाय
छठ पूजा के दौरान पूजा सामग्री की मांग अत्यधिक बढ़ जाती है। अगरबत्ती, धूप, कपूर, रोली, सिंदूर, कलावा, दीपक, नारियल आदि चीजों की बिक्री एक अच्छा व्यवसाय बन सकता है। इन वस्तुओं को पैकेट या पूजा किट के रूप में तैयार कर बेचा जा सकता है। सही लागत और गुणवत्ता के साथ यह व्यवसाय लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
बांस के सूप और दउरा का व्यवसाय
छठ पूजा में बांस से बने सूप और दउरा का विशेष महत्व है। व्रती महिलाएं इन्हें पूजा के लिए उपयोग करती हैं, जिससे इनकी मांग बढ़ जाती है। स्थानीय कारीगरों या थोक बाजार से इन्हें खरीद कर अपने इलाके में बेचा जा सकता है। दुकान न होने पर घर के बाहर या स्थानीय बाजार में अस्थायी स्टॉल लगाकर भी यह व्यवसाय किया जा सकता है।
फलों और पूजा की टोकरी का व्यवसाय
छठ पूजा में फलों का विशेष महत्व होता है। केला, नारियल, सेब, संतरा, गन्ना जैसे फलों की टोकरी तैयार कर बेचना एक लाभदायक व्यवसाय हो सकता है। अलग-अलग बजट के अनुसार छोटी, मध्यम और बड़ी टोकरी तैयार की जा सकती हैं। हालांकि, फलों के खराब होने का जोखिम होता है, इसलिए पहले से ऑर्डर लेकर सामग्री तैयार करना बेहतर होता है।
फूल-माला और सजावट का व्यवसाय
छठ पूजा में पूजा स्थल और घाटों की सजावट के लिए फूलों की आवश्यकता होती है। गेंदे की माला, फूलों की टोकरी और सजावट से जुड़ी अन्य चीजों की बिक्री द्वारा भी अच्छी कमाई की जा सकती है। स्थानीय फूल मंडी से थोक में फूल खरीदकर माला बनाई जा सकती है।
मिट्टी के दीये और बर्तनों की बिक्री
छठ पूजा के दौरान मिट्टी के दीये, कलश और पारंपरिक बर्तनों की मांग बढ़ती है। स्थानीय कुम्हारों से थोक में इन्हें खरीदकर बेचा जा सकता है। आकर्षक पैकिंग और सजावट के साथ दीयों के सेट तैयार कर सोशल मीडिया के माध्यम से भी ग्राहकों तक पहुंचा जा सकता है।
छठ पूजा सामग्री की होम डिलीवरी
बिना दुकान खोले अगर व्यवसाय करना चाहते हैं, तो छठ पूजा की सामग्री की होम डिलीवरी शुरू की जा सकती है। पूजा सामग्री, फल, सूप, दउरा आदि के विक्रेताओं से संपर्क कर ग्राहकों से ऑर्डर लेकर उनके घर तक सामान पहुंचाया जा सकता है।
Source: NDTV India
