इजरायल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है, जहां राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने विपक्ष के नेता गादी आइजेनकोट को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। यह कदम प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए एक बड़ा धक्का माना जा रहा है, जो सत्ता में बने रहने के प्रयास में थे।
आइजेनकोट को मिला सरकार बनाने का मौका
रविवार शाम को राष्ट्रपति हर्जोग ने औपचारिक रूप से आइजेनकोट को सरकार बनाने का निमंत्रण दिया। अब उनके पास 28 दिन का समय है, जिसमें उन्हें 61 सीटों का समर्थन जुटाना होगा। यदि आवश्यक हुआ, तो राष्ट्रपति उन्हें अतिरिक्त 14 दिन का समय भी दे सकते हैं।
हालांकि, इजरायल की राजनीति में यह एक कठिन कार्य है, क्योंकि किसी भी गठबंधन के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है। इस स्थिति में, आइजेनकोट को विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थन की आवश्यकता होगी।
नेतन्याहू के लिए चुनौती
यह घटना नेतन्याहू के लिए एक विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण समय पर आई है। वे कई वर्षों से इजरायल की राजनीति में एक प्रमुख शक्ति रहे हैं, लेकिन अब उन्हें सत्ता से बाहर होने का सामना करना पड़ सकता है।
नेतन्याहू का राजनीतिक करियर लंबे समय से विवादों और आरोपों से घिरा रहा है, और अब यह कदम उनके लिए एक नई राजनीतिक चुनौती प्रस्तुत कर रहा है।
इजरायल की राजनीतिक स्थिति
इजरायल की वर्तमान राजनीतिक स्थिति में कोई भी पार्टी स्पष्ट बहुमत हासिल करने में असमर्थ रही है। इस कारण से, गठबंधन सरकार बनाने की आवश्यकता है, जो विभिन्न दलों के बीच समझौते पर आधारित होगी।
इस राजनीतिक खींचतान में, आइजेनकोट को समर्थन जुटाने का काम मुश्किल होगा, लेकिन यह इजरायल की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है।
Source: BBC World News
