ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक लेक्चरर मैट रैटली के पहनावे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिससे महिला, पुरुष और ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग नाराज हैं। इस विवाद का कारण उनका ऐसा पहनावा है जो कई लोगों को आपत्तिजनक लगता है।
विवाद की जड़
मैट रैटली, जो सेंट हिल्डा कॉलेज में बायोकेमिस्ट्री के लेक्चरर हैं, हाल ही में अपने अनोखे पहनावे के कारण चर्चा में आ गए हैं। वे दाढ़ी वाले पुरुष हैं, लेकिन वे बड़े नकली स्तन पहनकर, मेकअप करके और गहरे गले वाले टॉप पहनकर कक्षा में आते हैं। इस प्रकार के पहनावे के कारण यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ विरोध शुरू हो गया है।
पूर्व छात्रों और अभिभावकों ने इस पर नाराजगी जताई है। महिला अधिकार समूहों ने भी इस पर अपनी आवाज उठाई है। सोशल मीडिया पर ट्रांसजेंडर समुदाय के कुछ लोगों ने भी उनकी आलोचना की है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की प्रतिक्रिया
यूनिवर्सिटी के प्रशासन ने अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। हालांकि, कुछ शिक्षक और पूर्व छात्र इस मामले पर सवाल उठा रहे हैं। एक शिक्षक ने लिखा है कि अगर कोई महिला लेक्चरर पुरुषों के अंगों जैसे दिखने वाले नकली अंग पहनकर आती, तो क्या प्रतिक्रिया होती?
रैटली के पहनावे को लेकर यूनिवर्सिटी का आधिकारिक रुख यही लगता है कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। एक पूर्व छात्रा ने ‘डेली मेल’ को बताया कि रैटली के पहनावे से उन्हें असहजता महसूस हुई।
मैट रैटली का परिचय
मैट रैटली ने 2012 में समरविले कॉलेज से फर्स्ट-क्लास ऑनर्स (MChem) के साथ ग्रेजुएशन किया था। वे एक प्रतिभाशाली संगीतकार भी हैं और समरविले ऑर्केस्ट्रा के साथ कॉन्सर्ट में ‘बैसून’ पर बीथोवेन और बाख की धुनें बजाते हैं।
उनका बचपन ब्राइटन में बीता और उनके माता-पिता का निधन कम उम्र में ही हो गया था। रैटली पिछले 13 वर्षों से ऑक्सफोर्ड के विभिन्न कॉलेजों में पढ़ा रहे हैं।
Source: NDTV India
