आशा भोसले का एक ऐसा गीत जो आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है, वह है ‘गरीबों की सुनो’। यह गीत 60 साल पहले रिलीज हुआ था और आज भी मुंबई की लोकल ट्रेनों में इसकी गूंज सुनाई देती है। इस गाने ने न केवल संगीत प्रेमियों का दिल जीता है, बल्कि समाज के गरीब तबके की भावनाओं को भी बखूबी प्रस्तुत किया है।
गाने का ऐतिहासिक महत्व
1966 में आई फिल्म ‘दस लाख’ में शामिल इस गीत को आशा भोसले और मोहम्मद रफी ने गाया था। फिल्म में इसे संजय खान और बबीता कपूर पर फिल्माया गया था। संगीतकार रवि ने इस गाने की धुन बनाई थी, जबकि इसके बोल प्रेम धवन ने लिखे थे। यह गीत फिल्म के रिलीज होते ही लोकप्रिय हो गया और आज भी लोग इसे उतने ही चाव से सुनते हैं।
मुंबई की लोकल ट्रेन में अक्सर भिखारियों द्वारा यह गीत गाया जाता था। यह गाना गरीबों की दुआओं का प्रतीक बना और अमीरों के लिए एक संदेश भी था। इस गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह यूट्यूब पर भी काफी सुना जा रहा है।
आशा भोसले के अन्य लोकप्रिय गाने
आशा भोसले ने अपने कॅरियर में कई सदाबहार गाने गाए हैं, जिनमें ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’, ‘दम मारो दम’, ‘ओ मेरे सोना रे सोना’, ‘दिल चीज़ क्या है’, ‘इन आँखों की मस्ती में’, ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘जवान जानेमन’, और ‘दीवाना हुआ बादल’ जैसे गाने शामिल हैं।
इन गानों ने न केवल भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया है, बल्कि आशा भोसले को संगीत की दुनिया में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है।
Source: NDTV India
