महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से हलचल मच गई है। शरद पवार, जो फिलहाल स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में भर्ती हैं, उनसे बुधवार को एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद से एनसीपी के दोनों गुटों के बीच संभावित विलय की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
राजनीतिक घटनाक्रम
हाल के 48 घंटों में महाराष्ट्र की राजनीति में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शरद पवार को फोन करके उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। इसके बाद प्रफुल्ल पटेल ने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में शरद पवार से मुलाकात की।
पटेल ने इस मुलाकात को सामान्य बताया, लेकिन सूत्रों के अनुसार, इस दौरान शरद पवार ने पटेल से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ उनकी हालिया मुलाकात के बारे में पूछताछ की। इस बातचीत में एनसीपी के अजित पवार गुट के नेताओं की दिल्ली यात्रा का उद्देश्य भी शामिल था।
अमित शाह से प्रफुल्ल पटेल की मुलाकात
1 नवंबर को प्रफुल्ल पटेल और एनसीपी के पांच अन्य नेताओं ने अमित शाह से मुलाकात की थी। इस बैठक में महाराष्ट्र सरकार में वित्त मंत्रालय को फिर से एनसीपी अजित गुट को देने की मांग की गई थी। हालांकि, इस मुलाकात में सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार शामिल नहीं थे। इसके बाद पार्टी के कोर कमेटी को ब्रीफ किया गया और सुधार के लिए कदम उठाने की मांग की गई।
NCP में संभावित बदलाव
2023 में अजित पवार की बगावत के बाद एनसीपी दो गुटों में बंट गई थी। अब शरद पवार के साथ प्रफुल्ल पटेल की मुलाकात के बाद पार्टी में संभावित बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि एनसीपी ने आधिकारिक तौर पर विलय की बात से इनकार किया है, लेकिन 10 नवंबर के बाद की अगली मुलाकात में इस पर चर्चा हो सकती है।
Source: NDTV India
