धनतेरस का पर्व इस वर्ष 6 नवंबर 2026 को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है और इस दिन को विशेष रूप से सोना, चांदी, नए बर्तन और अन्य शुभ वस्तुएं खरीदने के लिए समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन की गई खरीदारी से घर में सुख-समृद्धि आती है।
पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। इस वर्ष, पूजा का शुभ समय प्रदोष काल में शाम 5:49 बजे से रात 8:23 बजे तक रहेगा। माना जाता है कि इस समय की गई पूजा विशेष फलदायी होती है।
इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा। इस समय को दिन का सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है, जिसमें नए कार्यों की शुरुआत करना अत्यंत लाभकारी होता है।
खरीदारी के लिए शुभ समय
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त त्रयोदशी तिथि के आरंभ के बाद से है, जो कि 6 नवंबर को सुबह 10:32 बजे से शुरू होगा। इस दौरान सोना, चांदी, तांबे के बर्तन और झाड़ू खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, झाड़ू को सूर्यास्त से पहले ही घर लाना चाहिए, और इसे तीन या पांच की संख्या में खरीदना शुभ होता है। यह ध्यान रखना चाहिए कि झाड़ू प्लास्टिक की न हो।
धन पोटली और अन्य परंपराएं
ज्योतिषाचार्य मयंक कुशवाहा के अनुसार, धनतेरस पर विशेष धन पोटली बनाना चाहिए। यह पोटली आर्थिक समस्याओं का समाधान कर सकती है और घर में सुख-समृद्धि बनाए रख सकती है।
प्रयागराज की ज्योतिषाचार्य शिप्रा सचदेव के अनुसार, इस दिन झाड़ू, नमक, धनिया, हल्दी और धातु से बनी वस्तुएं खरीदना शुभ होता है। ये चीजें घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाती हैं।
क्या न खरीदें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन कुछ वस्तुएं खरीदने से बचना चाहिए, जैसे कि लोहे की धारदार वस्तुएं, कांच का सामान, काले रंग की चीजें, और तेल या घी। इनकी खरीदारी से घर में दरिद्रता बढ़ सकती है।
Source: NDTV India
