भारत में युवाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकी गतिविधियों में शामिल करने के प्रयासों का खुलासा हुआ है। इस साजिश में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की भूमिका सामने आई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, कुछ लोग इंस्टाग्राम पर रील देखकर भारतीय युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं और फिर उन्हें आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
सोशल मीडिया का दुरुपयोग
रिपोर्ट में पता चला कि ISI से जुड़े लोग इंस्टाग्राम पर सक्रिय हैं, जो पहले भारतीय युवाओं से दोस्ती करते हैं। इसके बाद, उन्हें मजहब के नाम पर ब्रेनवॉश करने की कोशिश की जाती है। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे उन्हें आतंकी गतिविधियों में शामिल करने तक पहुंचती है।
इस साजिश में शामिल लोगों में शहजाद भट्टी समेत पाकिस्तान में बैठे पांच लोगों पर गंभीर आरोप लगे हैं। इन लोगों के खिलाफ कई एजेंसियां जांच कर रही हैं।
जांच की प्रक्रिया
भारत की सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गहन जांच कर रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर युवाओं को आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की यह साजिश सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
इस मामले में भारतीय एजेंसियां सोशल मीडिया कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं ताकि इस तरह की गतिविधियों को रोका जा सके और दोषियों को सजा दी जा सके।
युवाओं को सतर्क रहने की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं को सोशल मीडिया पर सतर्क रहना चाहिए। उन्हें समझना होगा कि ऑनलाइन दोस्ती के पीछे क्या मकसद हो सकता है।
इसके साथ ही, माता-पिता और शिक्षकों को भी जागरूक रहना चाहिए और युवाओं को सही जानकारी और मार्गदर्शन देना चाहिए ताकि वे इस तरह की साजिशों का शिकार न बनें।
Source: BBC World News
