तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से एक और बड़ा झटका लगा है। उनकी सजा पर रोक लगाने की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद तेजपाल को इस दीवाली जेल में ही बितानी होगी क्योंकि कोर्ट की अगली सुनवाई दीवाली के बाद ही होगी।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि तरुण तेजपाल के ईमेल और मैसेज के प्रथम दृष्टया आकलन के बाद सजा पर रोक लगाने का कोई आधार नहीं बनता। उनकी सजा पर रोक की याचिका को खारिज कर दिया गया है। यह फैसला कोर्ट की छुट्टियों के पहले आया है, जिससे अगली सुनवाई अब दीवाली के बाद ही हो सकेगी।
मामले का पूरा विवरण
तरुण तेजपाल के खिलाफ मामला 2013 का है, जिसमें उन पर एक जूनियर महिला सहयोगी ने होटल की लिफ्ट में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इस आरोप के बाद उन्हें नवंबर 2013 में गिरफ्तार किया गया था और जुलाई 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी।
मई 2021 में गोवा की सेशन कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था, लेकिन गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी। 6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने सेशन कोर्ट का फैसला पलट दिया और तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया।
वर्तमान स्थिति
तेजपाल ने अपनी सजा पर रोक लगाने के लिए 20 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने सरेंडर से छूट की अर्जी खारिज कर दी थी और उन्हें 2 से 3 हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया था। 14 सितंबर को उन्होंने गोवा के मापुसा स्थित अदालत में सरेंडर किया और तब से वे जेल में हैं।
अब 3 नवंबर को दिवाली पर अंतरिम जमानत की मांग भी खारिज हो गई है। इस प्रकार, फिलहाल तरुण तेजपाल को दीवाली जेल में ही बितानी होगी।
Source: NDTV India
