हाल ही में सोशल मीडिया और खासकर व्हाट्सऐप पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 1 जनवरी 2027 से चेकबुक के नियमों में बदलाव करने जा रहा है। इस मैसेज में कहा गया है कि मौजूदा चेकबुक की जगह नए सुरक्षा फीचर्स वाली चेकबुक का इस्तेमाल करना होगा।
फैक्ट चेक: क्या है सच?
प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने इस मैसेज की सच्चाई की जांच की है। PIB फैक्ट चेक ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस वायरल मैसेज को पूरी तरह फर्जी बताया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि RBI ने 1 जनवरी 2027 से चेकबुक के नए नियम लागू करने की कोई घोषणा नहीं की है।
RBI ने भी 7 नवंबर को एक पोस्ट के माध्यम से इस मैसेज को भ्रामक और गलत बताया। केंद्रीय बैंक ने लोगों से अपील की है कि वे केवल RBI के आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) क्या है?
चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) एक इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली है जो चेक क्लियरिंग की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाती है। इसके तहत चेक की इमेज और जरूरी जानकारी को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से बैंक शाखाओं के बीच भेजा जाता है, जिससे चेक की भौतिक रूप से एक जगह से दूसरी जगह भेजने की जरूरत नहीं होती।
इस प्रणाली के माध्यम से चेक क्लियरिंग की प्रक्रिया न केवल तेज होती है बल्कि कागजी चेक के उपयोग को भी कम करती है।
आधिकारिक सूचना पर ही करें विश्वास
RBI ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे भ्रामक संदेशों से सावधान रहें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर फैल रहे फर्जी मैसेज से भ्रमित न हों और किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें।
Source: NDTV India
