भारत सरकार ने सोने के गहनों की अनिवार्य हॉलमार्किंग को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने 2 नवंबर 2026 को एक नया आदेश जारी करते हुए देश के 398 जिलों में हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया है। यह नया नियम 7 नवंबर से लागू हो गया है।
नए जिलों में हॉलमार्किंग का विस्तार
पहले यह व्यवस्था 392 जिलों में लागू थी, लेकिन अब इसमें 6 नए जिलों को शामिल किया गया है। नए शामिल जिलों में बिहार का मधेपुरा, दिल्ली का नॉर्थ वेस्ट जिला, गुजरात का अमरेली, उत्तर प्रदेश के गाजीपुर और फर्रुखाबाद तथा उत्तराखंड का अल्मोड़ा शामिल हैं। इन जिलों के ज्वैलर्स के लिए अब हॉलमार्किंग के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
हॉलमार्किंग के तहत कौन-कौन से गहने?
अनिवार्य हॉलमार्किंग के दायरे में 14, 18, 20, 22, 23 और 24 कैरेट के सोने के गहने शामिल हैं। हालांकि, 9 कैरेट के सोने के लिए भी हॉलमार्किंग का प्रावधान है, लेकिन यह फिलहाल स्वैच्छिक है। हॉलमार्किंग सोने की शुद्धता की सरकारी प्रमाणित पहचान होती है।
जब ग्राहक सोने के गहने खरीदते हैं, तो उनकी शुद्धता की जांच भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा की जाती है और उन पर हॉलमार्क लगाया जाता है। उदाहरण के लिए, 22 कैरेट सोने के गहने पर 22K या 916 अंकित होता है, जो 91.6% शुद्धता को दर्शाता है।
गहने खरीदते समय ध्यान देने योग्य बातें
सोने के गहने खरीदते समय केवल कैरेट देखकर संतुष्ट न हों। गहने पर BIS का निशान, शुद्धता का अंक और 6 अंकों का हॉलमार्क यूनिक आईडेंटिफिकेशन (HUID) कोड अवश्य जांचें।
ग्राहक BIS CARE मोबाइल ऐप के जरिए ‘Verify HUID’ विकल्प का उपयोग करके गहने की शुद्धता और उसकी पहचान की पुष्टि कर सकते हैं। इससे नकली हॉलमार्क और सोने की शुद्धता में धोखाधड़ी की आशंका कम करने में मदद मिलती है।
Source: NDTV India
