दिवाली के त्योहार की तैयारियों के बीच, बाजार में पनीर और मावा जैसी खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है। इन दिनों नकली पनीर की बिक्री के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। असम के खाद्य विभाग द्वारा हाल ही में किए गए एक जांच में पाया गया कि पनीर के 70% सैंपल गुणवत्ता परीक्षण में फेल हो गए हैं। इस खबर ने लोगों को पनीर की शुद्धता पर सवाल उठाने के लिए मजबूर कर दिया है।
असली और नकली पनीर की पहचान कैसे करें?
पनीर की शुद्धता की जांच के लिए कुछ सरल तरीके अपनाए जा सकते हैं। यशोदा हॉस्पिटल की डायटीशियन और न्यूट्रीशनिस्ट स्वेता ए के अनुसार, असली पनीर की पहचान करने के लिए आप इसे मसलकर देख सकते हैं। असली पनीर आसानी से टूटकर बिखर जाता है, जबकि नकली पनीर रबड़ की तरह खिंच सकता है।
इसके अलावा, पनीर का एक टुकड़ा गर्म पानी में डालकर उसकी बनावट और खुशबू की जांच करें। असली पनीर में दूध जैसी हल्की सुगंध होती है, जबकि मिलावटी पनीर में अजीब गंध आ सकती है। स्वाद से भी पनीर की पहचान की जा सकती है; असली पनीर का स्वाद हल्का और ताजा होता है।
नकली पनीर के सेवन से होने वाले नुकसान
स्वेता ए ने बताया कि नकली पनीर में दूध की मात्रा कम होती है और इसमें स्टार्च, सिंथेटिक पदार्थ, डिटर्जेंट, और अन्य सस्ते तत्व मिलाए जाते हैं। ऐसा पनीर सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।
नकली पनीर के सेवन से पाचन संबंधी समस्याएं, पेट दर्द, उल्टी, दस्त, और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर इसमें हानिकारक केमिकल्स का इस्तेमाल हुआ हो, तो यह लिवर और किडनी को भी प्रभावित कर सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों के लिए यह अधिक खतरनाक हो सकता है।
Source: NDTV India
