खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सुहैल अफरीदी ने बुधवार को राज्यपाल फैसल करीम कुंडी के मुख्य सचिव और प्रांतीय पुलिस प्रमुख के साथ बैठक पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे संविधान का उल्लंघन बताते हुए राज्यपाल के खिलाफ महाभियोग के लिए कानून बनाने की मांग की।
संविधान के उल्लंघन पर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री अफरीदी ने वीडियो संदेश में राज्यपाल पर असंवैधानिक आचरण का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार कानून और संविधान का पालन करती रहेगी। उन्होंने प्रांतीय कैबिनेट की बैठक में कहा कि कोई भी लोकतंत्र को पटरी से नहीं उतार सकता।
अफरीदी ने मुख्य सचिव और पुलिस प्रमुख को किसी भी असंवैधानिक आदेश का पालन न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि राज्यपाल स्वतंत्र रूप से मुख्यमंत्री से जानकारी नहीं मांग सकते।
राज्यपाल शासन की संभावना
राज्यपाल कुंडी ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को जरूरी लगा तो केपी में आपातकाल या राज्यपाल शासन लगाया जा सकता है। उन्होंने बलूचिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि कानून व्यवस्था के लिए वहां भी आपातकाल लगाया गया था।
आतंकवाद पर केंद्र की नीति की आलोचना
मुख्यमंत्री अफरीदी ने केंद्र की आतंकवाद विरोधी नीति को विफल बताते हुए कहा कि केपी में और सैन्य अभियान की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति 100 दिनों में बहाल की जा सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की नीतियों के कारण प्रदेश में आतंकवाद का बोझ बढ़ा है और विस्थापित परिवारों को अभी तक पूरी मुआवजा राशि नहीं मिली है।
प्रांतीय कैबिनेट के निर्णय
प्रांतीय कैबिनेट ने केपी विधानसभा द्वारा पंजाब पुलिस के हाथों मुख्यमंत्री के कथित दुर्व्यवहार की घटना की निंदा करने वाले प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजने की मंजूरी दी।
इसके अलावा, कैबिनेट ने वर्ल्ड बैंक से READY-KP परियोजना के लिए $250 मिलियन की वित्तीय सहायता प्राप्त करने की मंजूरी दी।
