कैप्टन अजय पंत को ब्रिटेन द्वारा समुद्र के बीच गिरफ्तार किए जाने के बाद उनकी पत्नी ऋतु पंत ने अपने पति की रिहाई के लिए हर संभव प्रयास शुरू कर दिए हैं। यह घटना तब हुई जब अजय पंत ‘एमटी स्मर्टोस’ नामक तेल टैंकर पर सवार होकर ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से निकले थे। इस टैंकर पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंध लगे हुए हैं, और इसे रूस के ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा बताया जा रहा है।
गिरफ्तारी का कारण और आरोप
अजय पंत पर आरोप है कि उन्होंने जहाज का संचालन करके ब्रिटेन के रूस के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन किया है। इस मामले में ब्रिटेन की सशस्त्र बलों ने जहाज को इंग्लिश चैनल से गुजरते समय कब्जे में ले लिया। यह पहली बार है जब किसी यूरोपीय देश ने इस आधार पर जहाज के कप्तान को गिरफ्तार किया है।
यह मामला इसलिए भी विशेष है क्योंकि जहाज को तब पकड़ा गया जब वह अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में था, जो ब्रिटेन के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस सैन्य अभियान में कई हेलीकॉप्टरों और नौसेना के जहाजों ने हिस्सा लिया था।
ऋतु पंत का संघर्ष
ऋतु पंत ने अपने पति को रिहा कराने के लिए सोशल मीडिया पर समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है। उनके अनुसार, उन्हें दुनिया भर के नाविक समुदाय से काफी समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति उनके लिए बहुत कठिन है, लेकिन वह अजय को वापस लाने के लिए पूरी तरह से प्रयासरत हैं।
अजय पंत के परिवार की देखभाल के लिए ऋतु ने अपने काम से भी छुट्टी ली है। उन्होंने बताया कि अजय के बुजुर्ग माता-पिता हैं और उनके दो छोटे बच्चे हैं। ऋतु ने कहा कि उन्होंने परिवार को इस संघर्ष के लिए तैयार कर दिया है और अजय के मुकदमे की तैयारी कर रही हैं।
समुद्री सुरक्षा के मुद्दे
हाल के वर्षों में समुद्र में बढ़ते संघर्ष और समुद्री डकैती के मामलों ने नाविकों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। युद्ध और समुद्री लुटेरों की गतिविधियों के कारण कई नाविकों को निशाना बनाया जा रहा है। ऋतु पंत ने कहा कि इस तरह की घटनाएं नाविकों के लिए खतरनाक मिसाल बन सकती हैं।
अजय पंत के मामले में ब्रिटेन की अदालत में शुरुआती सुनवाई के बाद उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। यदि अजय दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें 10 साल तक की जेल हो सकती है।
Source: NDTV India
