गाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए धमाके के पीछे आतंकी एंगल सामने आया है। ‘तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान’ नामक संगठन ने इस धमाके की जिम्मेदारी ली है। धमाके में पुलिस चौकी की खिड़कियां टूट गईं और दीवारों में दरारें आ गईं, जिससे चौकी को भारी नुकसान हुआ है। इस घटना के बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।
धमाके की जिम्मेदारी और जांच
तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। इसके अलावा, गाजी 2 नामक एक एक्स अकाउंट से भी इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए वीडियो पोस्ट किया गया है। हालांकि, पुलिस इस संगठन और उसके दावे की सत्यता की जांच कर रही है।
पुलिस को एलिवेटेड रोड पर एक लावारिस स्कूटी मिली है, जिसे जब्त कर लिया गया है और उसके मालिक की खोज की जा रही है। इसके साथ ही, पुलिस चौकी के मुख्य गेट पर लगे CCTV कैमरे बंद होने के कारण जांच में रुकावट आ रही है।
सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
श्रीगंगानगर रेलवे ट्रैक और गाजियाबाद पुलिस चौकी में हुए धमाकों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। दीपावली के मौके पर हुए इन धमाकों के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
गाजियाबाद पुलिस, फोरेंसिक विशेषज्ञ और खुफिया एजेंसियां इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही हैं। धमाके के स्थल से मिले संदिग्ध अवशेषों और अन्य सबूतों को जांच के लिए आगरा भेजा गया है। फोरेंसिक रिपोर्ट से ही धमाके के असली कारण का पता चलने की उम्मीद है।
आगे की राह
गाजियाबाद पुलिस चौकी में हुए धमाके को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या यह धमाका महज एक हादसा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब तक की जांच से यह संकेत नहीं मिलते कि धमाका AC कंप्रेसर फटने की वजह से हुआ है।
फिलहाल, जांच जारी है और जल्द ही इस मामले में और अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है।
Source: NDTV India
