कर्नाटक में E20 पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा को लेकर राज्य सरकार और तेल कंपनियों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिजवान अरशद ने इस मुद्दे पर स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि दिवाली के बाद सरकार अपनी जांच के आधार पर विस्तृत जवाब देगी।
सरकार और कंपनियों के बीच टकराव
कर्नाटक सरकार ने पेट्रोल में निर्धारित मात्रा से अधिक एथेनॉल मिलने का आरोप लगाया है। इसके बाद इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और अन्य तेल कंपनियों ने इस दावे पर सवाल उठाए। मंत्री अरशद ने कहा कि सरकार ने तेल कंपनियों के “कट-कॉपी-पेस्ट” जवाबों को देखा है और सोमवार को इस मुद्दे पर सार्वजनिक बयान जारी किया जाएगा।
मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार एक जिम्मेदार निकाय है और इस मामले में ठोस तथ्यों के साथ प्रतिक्रिया देगी।
जांच रिपोर्ट के निष्कर्ष
यह विवाद तब शुरू हुआ जब राज्य सरकार ने विभिन्न जिलों से एकत्र किए गए पेट्रोल के नमूनों की जांच रिपोर्ट जारी की। सरकार का दावा है कि कई पेट्रोल पंपों पर बेचे जा रहे E20 पेट्रोल में निर्धारित 20 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल मिलाया गया है।
राज्य भर से 63 नमूने इकट्ठा किए गए थे, जिनमें कुछ नमूनों में एथेनॉल की मात्रा काफी अधिक पाई गई। इंडियन ऑयल के एक नमूने में 31.2 प्रतिशत, एचपीसीएल में 30.5 प्रतिशत, बीपीसीएल में 26.5 प्रतिशत, नायरा में 26.1 प्रतिशत और शेल के नमूने में 25.5 प्रतिशत एथेनॉल मिला।
पारदर्शिता की मांग
अरशद ने कहा कि प्रारंभिक जांच तेल कंपनियों की प्रयोगशालाओं में कराई गई थी लेकिन रिपोर्ट में एथेनॉल प्रतिशत का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। इसलिए, उन्हीं नमूनों को NABL और ISO मान्यता प्राप्त स्वतंत्र प्रयोगशालाओं में भेजा गया, जहां अधिक एथेनॉल मिश्रण की पुष्टि हुई।
अब सभी की नजर सोमवार को आने वाले सरकार के विस्तृत जवाब पर है, जिससे इस पूरे विवाद की दिशा तय हो सकती है।
Source: NDTV India
