बेंगलुरु में एक चौंकाने वाले हत्याकांड ने सभी को हैरान कर दिया है। पुलिस एक कैब चालक, इंदुशेखर, की नाबालिग बेटी की भूमिका की जांच कर रही है, जिस पर आरोप है कि उसने अपने पिता की मदद से अपनी मां के परिवार के सात सदस्यों की हत्या में सहयोग किया।
हत्या की पृष्ठभूमि और आरोप
पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने जानकारी दी है कि जांचकर्ता यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि कैसे इंदुशेखर ने अपनी बेटी को इस अपराध में शामिल किया। इस मामले में नाबालिग से पूछताछ की जा रही है ताकि हत्याओं में उसकी भूमिका और उसे कैसे राजी किया गया, इसके बारे में पता चल सके।
आरोप है कि इंदुशेखर ने पहले अपनी पत्नी सुनीता की हत्या की, फिर अपनी सास और अन्य परिवार के सदस्यों की। पुलिस के अनुसार, इंदुशेखर ने अपने परिवार के सदस्यों को एक-एक करके बुलाया और उनकी हत्या कर दी।
मकसद और जांच
जांचकर्ताओं को शक है कि संपत्ति विवाद इस हत्याकांड का कारण हो सकता है। बताया जा रहा है कि इंदुशेखर ने अपनी सास के हस्ताक्षर स्टांप पेपर पर करवा लिए थे, जिसे लेकर पत्नी सुनीता ने आपत्ति जताई थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या संपत्ति पर कब्जा करने की योजना के तहत हत्याएं की गईं।
पहली हत्या 16 अक्टूबर को की गई थी और शवों को ठिकाने लगाने के लिए इंदुशेखर ने अपनी कार का इस्तेमाल किया। जांचकर्ताओं को सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं, जिनमें आरोपी शवों को ले जाता दिखाई दे रहा है।
संपत्ति विवाद की जांच
पुलिस का मानना है कि श्रीरामपुरा में 2.5 करोड़ रुपए की संपत्ति को लेकर विवाद हत्याओं का कारण हो सकता है। रिश्तेदारों ने बताया कि इंदुशेखर ने किसी बहाने से स्टांप पेपर पर सास के हस्ताक्षर करवा लिए थे।
इस बीच, नलिनी की मां की गुमशुदगी की शिकायत के बाद मामला सामने आया। पुलिस ने इंदुशेखर का मोबाइल ट्रैक किया और पाया कि वह लगातार स्थान बदल रहा था।
नाबालिग की भूमिका
पुलिस के अनुसार, नाबालिग लड़की को भी इस मामले में आरोपी माना जा रहा है। आरोप है कि उसने सभी हत्याएं होते हुए देखीं और अपने पिता की मदद की। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि उसे कैसे राजी किया गया और उसके मन में यह अपराध करने की भावना कैसे आई।
Source: NDTV India
