बिहार के बक्सर जिले में एक अनोखी घटना ने प्रशासन को हिला कर रख दिया। यहां ग्रामीण विकास पदाधिकारी (आरडीओ) अल्पीका सिंह ने अपने बकाया वेतन के लिए खुले में धरना दिया। उन्होंने जमीन पर चादर बिछाई और एक कटोरा अपने पास रख लिया, जो उनकी स्थिति को दर्शाता था।
तस्वीर वायरल और प्रशासन की प्रतिक्रिया
धरने की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से फैली, जिसने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच की और अल्पीका सिंह का लंबित वेतन जारी कर दिया।
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों से जवाब भी मांगा। इस घटना के बाद सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति और जवाबदेही को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
वेतन रोकने का कारण
इस मामले का एक और पक्ष भी सामने आया है। ब्रह्मपुर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सोनू कुमार का कहना है कि अल्पीका सिंह लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित थीं, जिसके कारण उनका वेतन रोका गया था। बीडीओ ने दावा किया कि यह निर्णय नियमों के तहत लिया गया था और उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया था।
जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
जिला प्रशासन ने मामले की पूरी छानबीन शुरू की है। जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी आलोक वत्स के अनुसार, प्रशासन ने बीडीओ से भी स्पष्टीकरण मांगा है। डीआरडीए के निदेशक अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि अधिकारी की ओर से जवाब मिलने के बाद वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है।
यह मामला केवल वेतन भुगतान तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति, जवाबदेही और प्रशासनिक कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, अल्पीका सिंह का वेतन जारी हो चुका है और दोनों पक्षों ने अपना-अपना पक्ष सामने रखा है। अब सबकी नजर जिला प्रशासन की समीक्षा पर है।
Source: NDTV India
