डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में हार के बाद व्हाइट हाउस में प्रमुख प्रशासनिक बदलाव करते हुए स्टीफन मिलर को नया चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया है। 41 वर्षीय मिलर, ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन नीतियों के प्रमुख रणनीतिकार और उनके सबसे करीबी सलाहकारों में गिने जाते हैं।
स्टीफन मिलर का सफर
स्टीफन मिलर, ट्रंप के आंतरिक सलाहकार समूह का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में मिलर ने ट्रंप की टीम से भाषण लेखक के रूप में शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने व्हाइट हाउस में डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में भी योगदान दिया।
मिलर की पहचान मुख्य रूप से ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीतियों के प्रमुख रणनीतिकार के रूप में है। ट्रंप ने मिलर की नियुक्ति को ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडे को आगे बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा है।
सुसी वाइल्स की जगह लेंगे मिलर
मिलर, सुसी वाइल्स की जगह लेंगे जिन्होंने हाल ही में स्वास्थ्य कारणों से अपने पद से इस्तीफा दिया। वाइल्स, ट्रंप प्रशासन में चीफ ऑफ स्टाफ का पद संभालने वाली पहली महिला थीं। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।
ट्रंप ने वाइल्स के कार्य की सराहना की और घोषणा की कि मिलर 9 नवंबर से आधिकारिक तौर पर चीफ ऑफ स्टाफ का पद संभालेंगे।
मिलर की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया
स्टीफन मिलर की नियुक्ति को लेकर विपक्षी दलों में असंतोष देखा गया है। डेमोक्रेट सांसद रॉबर्ट गार्सिया ने मिलर की नियुक्ति की आलोचना करते हुए कहा कि ट्रंप अपने कड़े रुख को और सख्त बना रहे हैं।
भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने इसे प्रवासी समुदायों के खिलाफ कार्रवाई बताया है जिन्होंने चुनाव में ट्रंप प्रशासन का विरोध किया था। वहीं, कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूजॉम ने मिलर की नियुक्ति की निंदा की है।
मिलर की पत्नी
स्टीफन मिलर की पत्नी केटी मिलर भी ट्रंप खेमे की प्रमुख राजनीतिक चेहरों में से एक हैं। वह एलन मस्क के डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी की प्रवक्ता रह चुकी हैं और MAGA आंदोलन में प्रभावशाली चेहरा मानी जाती हैं।
Source: NDTV India
