⚡ Breaking News

चीन की सैन्य और आर्थिक बढ़त से वैश्विक चिंता: ऑस्ट्रेलिया के राजदूत की चेतावनी

हाल ही में एनडीटीवी वर्ल्ड समिट के दौरान, भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने चीन की बढ़ती सैन्य और आर्थिक ताकत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चीन की इस आक्रामकता के चलते न सिर्फ उसके पड़ोसी देश, बल्कि दूरस्थ देश भी चिंतित हैं।

चीन की सैन्य तैयारी

फिलिप ग्रीन ने कहा कि चीन दूसरे विश्वयुद्ध जैसी तैयारी कर रहा है। उन्होंने बताया कि चीन के तेजी से बढ़ते सैन्य खर्च और गतिविधियों के कारण कई देशों में चिंता बढ़ रही है। उदाहरण के लिए, चीन ने तस्मान सागर में बिना किसी उचित चेतावनी के लाइव फायरिंग की, जिसने ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच तनाव बढ़ा दिया है।

चीन का रक्षा बजट 2024-2025 के लिए लगभग $231.4 बिलियन था, जो अमेरिका के बाद दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक सैन्य खर्च इससे भी अधिक हो सकता है। चीन के पास दुनिया की सबसे बड़ी सक्रिय थल सेना है और उसकी नौसेना भी काफी मजबूत है।

आर्थिक प्रभाव और व्यापार

चीन की आर्थिक ताकत भी तेजी से बढ़ रही है। वर्ष 2025 में अमेरिका का चीन के साथ व्यापार घाटा $202.1 बिलियन था, जबकि भारत का $99.2 बिलियन। चीन अपने उद्योगों को भारी सब्सिडी देता है, जिससे वह सस्ते में माल दूसरे देशों में निर्यात कर सकता है।

फिलिप ग्रीन ने बताया कि एक समय ऑस्ट्रेलिया का चीन के साथ $20 अरब का व्यापार ठप हो गया था, लेकिन उनके व्यापार का 96% हिस्सा अन्य बाजारों में चला गया। यह दिखाता है कि चीन के साथ व्यापार में अस्थिरता का सामना करने के लिए देशों को तैयार रहना चाहिए।

वैश्विक प्रतिक्रिया

फिलिप ग्रीन की चिंताएं केवल ऑस्ट्रेलिया तक सीमित नहीं हैं। अमेरिका, रूस, भारत, और यूरोप के कई देश चीन की सैन्य और आर्थिक गतिविधियों से चिंतित हैं। चीन के व्यापारिक तरीकों और सैन्य विस्तार को लेकर वैश्विक स्तर पर सवाल उठ रहे हैं।

चीन की बढ़ती ताकत के चलते, रूस भी उससे सतर्क रहता है, विशेषकर सीमा विवाद के कारण। हालांकि, यूक्रेन युद्ध के चलते रूस और चीन के संबंधों में गहराई आई है, लेकिन चीन की बढ़ती सैन्य और आर्थिक शक्ति को नजरअंदाज करना मुश्किल है।

Source: NDTV India

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *