भारत की मशहूर गायिका अलका याग्निक ने अपने करियर की शुरुआत में ही भोजपुरी संगीत में भी कदम रखा था। 42 साल पहले उन्होंने अपना पहला भोजपुरी गाना गाया, जो भैया दूज के अवसर पर एक विशेष पहचान बना।
भोजपुरी सिनेमा में अलका याग्निक का योगदान
अलका याग्निक, जिन्हें भारतीय सिनेमा में एक प्रतिष्ठित गायिका के रूप में जाना जाता है, ने 1984 में रिलीज़ हुई भोजपुरी फिल्म “भैया दूज” के लिए गाने गाए। यह फिल्म भाई-बहन के रिश्ते पर आधारित थी। अलका याग्निक ने इस फिल्म में कुल चार गाने गाए थे, जिनमें से एक गाना “कहाँवा गईल लरकइयाँ हो” बहुत लोकप्रिय हुआ।
इस फिल्म के अन्य गीतों में उदित नारायण, आशा भोसले और महेंद्र कपूर जैसे प्रसिद्ध गायकों ने अपनी आवाज दी। फिल्म के गाने लक्ष्मण शाहाबादी द्वारा लिखे गए थे और संगीत चित्रगुप्त ने तैयार किया था।
फिल्म की कहानी और कलाकार
“भैया दूज” फिल्म की कहानी एक विधवा मां और उसके बच्चों रामू और बेला की है। मां की मृत्यु के बाद, बच्चे अपनी मौसी और मौसा के पास रहते हैं, जो उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते। अंततः रामू और बेला घर छोड़कर भाग जाते हैं और एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं।
फिल्म में सुजीत कुमार, पद्मा खन्ना, राकेश पांडेय, श्री गोपाल और गौरी खुराना जैसे कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं।
अलका याग्निक की आवाज का जादू
अलका याग्निक की आवाज में गाए गए भोजपुरी गाने आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। उनके गानों ने न केवल फिल्म को बल्कि भोजपुरी संगीत को भी एक नई दिशा दी।
इस फिल्म के गाने आज भी भैया दूज के पर्व को खास बनाते हैं और भाई-बहन के रिश्ते की मिठास को प्रकट करते हैं।
Source: NDTV India
