अमेरिकी राजनीति का परिदृश्य बदलता नजर आ रहा है, जहां उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच ईरान युद्ध को लेकर मतभेद स्पष्ट हो गए हैं। वेंस ने हाल ही में हुए मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए ईरान युद्ध को जिम्मेदार ठहराया है।
वेंस का विरोध
वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपने विचार साझा किए, जहां उन्होंने बताया कि ट्रंप समर्थक मतदाताओं ने डेमोक्रेट्स को वोट दिया, जिससे डेमोक्रेट्स को ऐतिहासिक जीत मिली। वेंस का मानना है कि ईरान युद्ध को कूटनीतिक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए था, और यही युद्ध रिपब्लिकन पार्टी की हार का मुख्य कारण बना।
वेंस ने पोलस्टर्स का हवाला देते हुए कहा कि मतदाताओं ने चार प्रमुख कारण बताए, जिनमें युद्ध का अंत, महंगाई पर ध्यान, ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति और इजरायल के साथ संबंधों में बदलाव शामिल हैं।
ट्रंप की प्रतिक्रिया
ट्रंप ने वेंस की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वीकार किया कि युद्ध के कारण पेट्रोल की कीमतें बढ़ीं, जिससे पार्टी को नुकसान हुआ। हालांकि, उन्होंने युद्ध शुरू करने के अपने फैसले का बचाव किया और कहा कि वे इसे फिर से करेंगे क्योंकि यह दीर्घकालिक समाधान के लिए आवश्यक था।
ट्रंप ने कहा कि उन्हें वेंस के आकलन से कोई समस्या नहीं है, लेकिन उन्होंने युद्ध की नीति को सही ठहराया।
इजरायल का दृष्टिकोण
इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने कहा कि इजरायल अमेरिकी राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का सम्मान करता है। उन्होंने वेंस की टिप्पणियों को समझने की कोशिश की और कहा कि इजरायल ने हमेशा अमेरिका के दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने का प्रयास किया है।
वेंस ने पहले भी इजरायल के प्रति ट्रंप के समर्थन पर संयमित रुख अपनाया है और कहा है कि अमेरिका को अपने हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
आगे की राह
वेंस ने संकेत दिया है कि वे 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी स्थिति को स्पष्ट करना चाहते हैं और ईरान युद्ध से खुद को दूर रखना चाहते हैं। ट्रंप के लिए यह चुनौती है कि वे अपने प्रशासन के भीतर विभिन्न मतों को कैसे संभालते हैं।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए, रिपब्लिकन पार्टी के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने नीतिगत दृष्टिकोणों पर पुनर्विचार करें, ताकि भविष्य में बेहतर परिणाम हासिल कर सकें।
Source: NDTV India
