जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व वाली उमर अब्दुल्ला सरकार एक गंभीर राजनीतिक संकट का सामना कर रही है। पार्टी के 25 विधायकों ने नेतृत्व के खिलाफ बगावत करते हुए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। इन विधायकों की मांग है कि दो साल का कार्यकाल पूरा कर चुके मंत्रियों और डिप्टी सीएम को हटाया जाए। साथ ही, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सलाहकार नासिर असलम वानी को भी पद से मुक्त करने की बात की जा रही है।
विधायकों की मांगें और पार्टी का रुख
सूत्रों के मुताबिक, नाराज विधायकों ने राज्य के पुनर्स्थापन और चुनावी वादों को लागू करने की मांग की है। विशेष रूप से अनुच्छेद 370 और 35A की बहाली की मांग की जा रही है। पार्टी नेतृत्व ने इन विधायकों से संपर्क कर कैबिनेट में नए चेहरों को शामिल करने का आश्वासन दिया है। इसके लिए 18 महीने बाद एक और कैबिनेट फेरबदल की योजना बनाई जा रही है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के लिए दो और सलाहकार नियुक्त करने की भी बात कही है। हालांकि, नाराज विधायक इस शांति फ़ॉर्मूले को मानने के लिए तैयार नहीं हैं और अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
नेशनल कॉन्फ्रेंस पर संकट के बादल
श्रीनगर से एनसी सांसद आगा रुहुल्लाह का पार्टी और संसद सदस्यता से इस्तीफा देने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, नाराज विधायक मुबारक गुल भी अपने अगले कदम का ऐलान करने वाले हैं। माना जा रहा है कि यह नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए अब तक का सबसे बड़ा संकट हो सकता है।
अगर नाराज विधायक इस्तीफा देते हैं, तो उमर अब्दुल्ला सरकार के पास आवश्यक संख्या घट सकती है। फिलहाल एनसी के पास 41 विधायकों का समर्थन है, जिसमें 5 निर्दलीय, 6 कांग्रेस और 1 सीपीएम विधायक का बाहरी समर्थन शामिल है।
Source: BBC World News
