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मध्य प्रदेश में मुफ्त संपत्ति रजिस्ट्री योजना का आगाज़

मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। ‘स्वामित्व योजना’ के अंतर्गत, राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 87,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री कराने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत सरकार पंजीयन शुल्क और स्टांप ड्यूटी के रूप में 9,000 करोड़ रुपये का भुगतान स्वयं करेगी, जिससे ग्रामीण निवासियों पर आर्थिक बोझ न पड़े।

ड्रोन सर्वे से सटीकता

इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत, राज्य में आधुनिक ड्रोन तकनीक का उपयोग कर 49.5 लाख से अधिक संपत्तियों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। राज्य सरकार के अनुसार, 600 से अधिक गांवों में ड्रोन सर्वे का कार्य प्रगति पर है। इन ग्रामीण इलाकों के डेटा के साथ, संपत्तियों की कुल संख्या 55 लाख से 60 लाख के बीच पहुँचने की संभावना है।

आर्थिक राहत और पारदर्शिता

योजना के अंतर्गत, ग्रामीण नागरिकों को रजिस्ट्री के लिए कोई भी शुल्क नहीं देना होगा। सरकार ने पारदर्शिता के लिए एक अनोखी व्यवस्था की है, जिसके माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी को एसएमएस के जरिए सूचित किया जाएगा कि यदि वे रजिस्ट्री स्वयं कराते, तो उन्हें कितनी राशि चुकानी पड़ती।

राज्य के राजस्व विभाग के पास वर्तमान में 3,800 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जबकि कुल 9,000 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी बन रही है। इस कमी को पूरा करने के लिए सरकार अगले बजट में आवश्यक फंड सुनिश्चित करेगी।

ग्रामीण विकास में योगदान

मध्य प्रदेश सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति विवादों को कम करने और नागरिकों को कानूनी रूप से संपत्ति का मालिकाना हक दिलाने में सहायक होगी। इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

Source: NDTV India

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