समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम काटने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस कथित बयान को लेकर सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि 1 करोड़ 27 लाख हिंदुओं के नाम मतदाता सूची से गायब हो गए हैं। अखिलेश ने पूछा कि मुख्यमंत्री को कैसे पता चला कि गायब हुए नाम केवल हिंदुओं के ही हैं।
बीजेपी पर अखिलेश का तीखा हमला
अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर बीजेपी की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सब एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार इस तरह के आरोप लगाकर समाज में ध्रुवीकरण करना चाहती है। अखिलेश ने कहा कि यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि आगामी चुनावों में राजनीतिक लाभ उठाया जा सके।
अखिलेश ने यह भी कहा कि बीजेपी की सरकार को जनता ने उत्तर प्रदेश में सत्ता से बाहर करने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से बीजेपी उत्तर प्रदेश में आई थी, उसी तरह से उसे यहां से जाना भी पड़ेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का यह बयान दिखाता है कि सरकार का ध्यान प्रशासनिक कार्यों पर नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार सही तरीके से काम कर रही होती, तो इस तरह की समस्याएं उत्पन्न नहीं होतीं।
उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह इस मुद्दे की गंभीरता को समझे और निष्पक्ष जांच कराए। अखिलेश ने कहा कि अगर सरकार निष्पक्षता से काम नहीं करती है, तो जनता उन्हें सबक सिखाने के लिए तैयार है।
जनता का समर्थन
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने कहा कि जनता अब बीजेपी की नीतियों से तंग आ चुकी है और वह बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जनता के समर्थन से आगामी चुनावों में विजयी होगी और उत्तर प्रदेश में एक नई सरकार का गठन करेगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि उनका उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश में सभी समुदायों को समान अधिकार और अवसर मिले, और इसके लिए समाजवादी पार्टी प्रतिबद्ध है।
Source: BBC World News
