हरियाणा के ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज ने हाल ही में अंबाला छावनी में एशिया का सबसे बड़ा 1857 की क्रांति का शहीदी स्मारक उद्घाटन किया। अनिल विज ने बताया कि यह स्मारक 22 एकड़ भूमि पर बनाया गया है और देश के स्वतंत्रता संग्राम के वीर क्रांतिकारियों के बलिदान की गाथा को प्रदर्शित करता है।
इतिहास की गहराई
अनिल विज ने कहा कि 1857 की क्रांति का बिगुल अंबाला छावनी में मेरठ से पहले ही बजा था। हालांकि, इतिहास में इसे उतना महत्व नहीं मिला जितना इसे मिलना चाहिए था। उन्होंने बताया कि अंबाला में 10 मई 1857 से पहले ही अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह की तैयारियाँ शुरू हो चुकी थीं। इस विद्रोह का उल्लेख अंग्रेजों के सरकारी दस्तावेजों और 1923-24 के गजेटियर में भी मिलता है।
विज ने बताया कि इन वीरों के बलिदान को उचित सम्मान दिलाने के लिए उन्होंने लगभग 25 वर्षों तक लगातार प्रयास किया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के दौरान उन्होंने स्मारक बनाने की मांग उठाई थी, लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी।
स्मारक की विशेषताएँ
इस स्मारक में 22 गैलरियां हैं, जहाँ विभिन्न क्रांतिकारियों के संघर्ष और योगदान को आधुनिक तकनीक से दर्शाया गया है। इसके अलावा, एक 63 मीटर ऊंचा कमल के फूल की आकृति का मेमोरियल टावर भी बनाया गया है। स्मारक में 300 सीटों का एक ऑडिटोरियम, लिफ्ट और अन्य आधुनिक सुविधाएं भी शामिल हैं।
विज ने कहा कि श्रद्धांजलि देने के लिए स्मारक में एक विशेष गैलरी बनाई गई है, जहाँ श्रद्धांजलि देने वाला व्यक्ति डिजिटल स्क्रीन पर हाथ रखकर शहीदों के प्रति अपना सम्मान प्रकट कर सकता है।
उद्घाटन समारोह
इस स्मारक का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, और बीजेपी प्रभारी स्मृति ईरानी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अनिल विज ने इस अवसर पर सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
Source: NDTV India
