उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दीपावली से पहले राज्य के लाखों कर्मचारियों के लिए एक बड़ा तोहफा पेश किया है। सरकार ने 30 दिन के तदर्थ बोनस को मंजूरी दे दी है, जिससे राज्य के कर्मचारियों, शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के कर्मियों को लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत सरकार कुल 1,022 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
बोनस का लाभ किन्हें मिलेगा?
सरकार के इस निर्णय से अराजपत्रित राज्य कर्मचारी, सहायता प्राप्त शैक्षणिक और तकनीकी शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी, स्थानीय निकायों के कर्मचारी, जिला पंचायत कर्मचारी और विभिन्न विभागों के कार्य प्रभारित कर्मचारी लाभान्वित होंगे। यह योजना उन कर्मचारियों के लिए लागू होगी जिन्होंने 31 मार्च 2026 तक एक वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर ली है।
बोनस का 25 प्रतिशत हिस्सा नकद दिया जाएगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत भविष्य निधि (पीएफ) में जमा किया जाएगा। जिन कर्मचारियों के पास पीएफ सुविधा नहीं है, उनके लिए यह राशि राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) या पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) में जमा की जाएगी।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों और दैनिक वेतनभोगियों के लिए विशेष प्रावधान
सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके कर्मचारियों को भी राहत दी गई है। जो कर्मचारी 30 अप्रैल 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उन्हें बोनस की पूरी राशि नकद दी जाएगी। इससे उन्हें रिटायरमेंट से पहले आर्थिक सहायता मिलेगी।
दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों के लिए भी बोनस का प्रावधान किया गया है। उनके लिए अधिकतम 1,184 रुपये का बोनस निर्धारित किया गया है, जिसके लिए मासिक वेतन की सीमा 7,000 रुपये तय की गई है। हालांकि, इसके लिए तीन वर्ष की निरंतर सेवा और निर्धारित कार्य दिवस पूरे करने की शर्त रखी गई है।
Source: NDTV India
