दांतों में कैविटी की समस्या अब आम हो गई है, जिससे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक प्रभावित हो सकते हैं। आमतौर पर लोग इसे ज्यादा मीठा खाने या ब्रश न करने से जोड़ते हैं, लेकिन इसके पीछे पोषक तत्वों की कमी भी एक बड़ा कारण हो सकता है।
फ्लोराइड की कमी और कैविटी
यशोदा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट जनरल फिजिशियन डॉ. कमलेश ए के अनुसार, दांतों में कैविटी का एक प्रमुख कारण शरीर में फ्लोराइड की कमी है। फ्लोराइड दांतों के इनेमल को मजबूत बनाता है, जो दांतों को एसिड्स से बचाता है। ये एसिड्स मुंह में मौजूद बैक्टीरिया द्वारा शुगर और स्टार्च को तोड़ने पर बनते हैं।
जब शरीर में पर्याप्त फ्लोराइड नहीं होता, तब इनेमल कमजोर होने लगता है और दांतों में मिनरल्स की कमी होने लगती है, जिससे कैविटी का खतरा बढ़ जाता है।
अन्य कारक और समाधान
डॉ. कमलेश के अनुसार, कैविटी केवल फ्लोराइड की कमी से नहीं होती। इसके पीछे बार-बार मीठा खाना, मुंह की सफाई न करना, ड्राई माउथ और प्लाक का जमाव भी जिम्मेदार होते हैं। इसके अलावा कैल्शियम, फॉस्फोरस और विटामिन-डी की कमी भी दांतों की मजबूती को प्रभावित कर सकती है।
कैविटी से बचने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं, जैसे कि फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से दिन में कम से कम दो बार ब्रश करना, शुगरी ड्रिंक्स का सेवन कम करना, भोजन के बाद कुल्ला करना, और नियमित रूप से दांतों की सफाई कराना।
फ्लोराइड की अधिकता के दुष्प्रभाव
डॉ. कमलेश चेतावनी देते हैं कि फ्लोराइड की अधिकता भी हानिकारक हो सकती है। अत्यधिक फ्लोराइड से डेंटल फ्लोरोसिस हो सकता है, जिसमें दांतों पर सफेद या भूरे धब्बे दिखाई देते हैं। इसलिए फ्लोराइड सप्लीमेंट्स का उपयोग केवल विशेषज्ञ की सलाह पर ही करना चाहिए।
Source: NDTV India
