⚡ Breaking News

बिहार में शिक्षकों को सोशल मीडिया एक्टिविटी पर शिक्षा मंत्री की सख्त चेतावनी

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार ने हाल ही में शिक्षकों को सोशल मीडिया पर रील्स और वीडियो बनाने के प्रति सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल शिक्षा का केंद्र है और शिक्षकों का मुख्य कर्तव्य बच्चों को शिक्षित करना है। यदि किसी को रील्स या सिनेमा में अधिक रुचि है, तो उसके लिए अन्य मंच उपलब्ध हैं।

शिक्षा मंत्री का स्पष्ट संदेश

शिक्षा मंत्री का कहना है कि विद्यालय का परिसर मनोरंजन का नहीं, बल्कि शिक्षा का स्थान है। उन्होंने कहा कि जो शिक्षक पढ़ाने के बजाय सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं, उन्हें अपनी प्राथमिकताएं तय करनी चाहिए। मंत्री ने दोटूक कहा कि यदि किसी को रील्स और सिनेमा ही बनाना है, तो थिएटर जॉइन कर लेना चाहिए।

मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि इस मामले में सरकार सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारियों से भटकने से बचना चाहिए, क्योंकि इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई और स्कूल के वातावरण पर पड़ सकता है।

शिक्षकों की भूमिका और जिम्मेदारी

मंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षक न केवल पढ़ाने का कार्य करते हैं, बल्कि वे बच्चों के लिए आदर्श भी होते हैं। उनके व्यवहार और कार्यशैली का सीधा प्रभाव छात्रों पर पड़ता है। इसलिए शिक्षकों से अपेक्षा की जाती है कि वे अनुशासन और जिम्मेदारी का उदाहरण प्रस्तुत करें।

हाल के वर्षों में सरकारी स्कूलों के कई शिक्षकों के रील्स और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे हैं, जिससे यह सवाल उठे हैं कि कहीं सोशल मीडिया की लोकप्रियता के लिए शिक्षकों की पेशेवर जिम्मेदारियां प्रभावित तो नहीं हो रही हैं।

Source: NDTV India

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *