पंजाब के मोगा जिले में आम आदमी पार्टी की विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी 36 घंटे बाद समाप्त हो गई। इस छापेमारी के दौरान ED की टीम ने विधायक के दो घरों समेत कुल सात स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की।
विधायक का दावा
छापेमारी के बाद डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने बयान दिया कि ED की टीम को उनके ठिकानों से कुछ भी हासिल नहीं हुआ और अंततः टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। उन्होंने बताया कि इस दौरान उनसे 36 घंटे तक पूछताछ की गई, लेकिन उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है।
विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि छापेमारी के दौरान उन्हें एक व्यक्ति के माध्यम से भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया था, जिसमें मंत्री पद का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने उन्हें विधायक बनाया और वह पार्टी के साथ मजबूती से खड़ी हैं।
छापेमारी का दायरा
डॉ. अरोड़ा ने बताया कि ED की टीम ने न सिर्फ उनके घरों पर बल्कि उनके रिश्तेदारों के घरों पर भी छापेमारी की। टीम ने पिछले 10 वर्षों में मोगा में हुई जमीन की खरीद-फरोख्त के बारे में भी सवाल किए। विधायक के अनुसार, इन लेन-देन से उनका कोई संबंध नहीं है।
छापेमारी के दौरान, लोगों की शिकायतों की भी जांच की गई और उनके सभी कमरों की तलाशी ली गई। यहां तक कि उन्हें अपने बच्चों से मिलने की अनुमति भी नहीं दी गई।
आधिकारिक जानकारी का इंतजार
विधायक ने कहा कि ED की ओर से कोई आधिकारिक बयान अभी तक जारी नहीं किया गया है, जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने कहा, “आज एक बार फिर हमारी जीत हुई है।”
Source: NDTV India
