उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि गठबंधन के प्रयास सफल नहीं होते हैं, तो उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।
गठबंधन की स्थिति
वाराणसी में मीडिया से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने बताया कि केंद्र सरकार में उनकी पार्टी का गठबंधन है, बिहार में वे एनडीए का हिस्सा हैं और झारखंड में भी गठबंधन के तहत चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नगालैंड में बिना गठबंधन के चुनाव लड़कर उनकी पार्टी ने दो विधायकों के साथ सफलता प्राप्त की है।
चिराग पासवान ने कहा, “हम केंद्र में गठबंधन का हिस्सा हैं, बिहार में एनडीए के साथ हैं और झारखंड में भी हमने गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा। अगर गठबंधन नहीं बनता है, तो हम उत्तर प्रदेश की सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार सकते हैं।”
विपक्ष पर निशाना
वाराणसी में चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस को लेकर विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि बनारस की जनता ने प्रधानमंत्री को सर्वोच्च पद तक पहुंचाने का आशीर्वाद दिया है और विपक्ष को यह समझना चाहिए कि विकास की जिम्मेदारी उन्हें भी दी गई थी।
उन्होंने कहा, “बनारस की जनता ने प्रधानमंत्री जी को जिताकर अपना आशीर्वाद दिया है। उन लोगों को देखना चाहिए जो कहते हैं कि वे बनारस आकर विकास करेंगे, क्योंकि उत्तर प्रदेश की जनता ने उन्हें भी अवसर दिया था।”
राजनीतिक प्रभाव
चिराग पासवान के इस बयान ने उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी समीकरणों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। यदि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) गठबंधन से अलग होकर सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारती है, तो यह राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि पार्टी राज्य में अपने संगठन और राजनीतिक आधार को मजबूत करने की तैयारी कर रही है।
Source: NDTV India
