अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने दिल्ली में एक विशाल छात्र महासम्मेलन का आयोजन किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस और वामपंथी दलों पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख कमजोर करने के आरोप लगाना था। इस कार्यक्रम में ABVP ने ‘अराजकता छोड़ो, लोकतंत्र अपनाओ’ का नारा दिया।
कांग्रेस और वामपंथी दलों पर आरोप
ABVP के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने इस सम्मेलन में कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास फैलाना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने कांग्रेस और वामपंथी दलों पर अलोकतांत्रिक गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप लगाया।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष यश डबास ने कहा कि देशभर के छात्र प्रतिनिधि लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक मर्यादाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
छात्रों की बड़ी भागीदारी
ABVP का दावा है कि इस महासम्मेलन में करीब 15 हजार विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, हालांकि इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस आयोजन में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के निर्वाचित छात्रसंघ पदाधिकारी और ABVP से जुड़े प्रमुख छात्र प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
इसमें दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष यश डबास, सचिव रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव लक्ष्य राज सिंह के अलावा पंजाब विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष अंकित भिदान और पूर्व अध्यक्ष गौरववीर सोहल ने भी सहभागिता की।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब देश में भाजपा द्वारा कई राजनीतिक यात्राएं और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी इन कार्यक्रमों में शामिल होकर विपक्ष पर लगातार हमलावर हैं।
ABVP का यह महासम्मेलन मौजूदा राजनीतिक माहौल में छात्र संगठनों की बढ़ती सक्रियता को दर्शाता है।
Source: NDTV India
