भोजपुरी सिनेमा के प्रमुख गायक पवन सिंह ने अपने करियर की शुरुआत महज 11 साल की उम्र में की थी। 1997 में उन्होंने अपना पहला भोजपुरी गाना ‘ओढ़निया वाली’ गाया था। यह गाना 29 साल बाद भी यूट्यूब पर धूम मचा रहा है। पवन सिंह को आज भोजपुरी इंडस्ट्री का पावर स्टार माना जाता है, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने काफी संघर्ष किया है।
पवन सिंह का शुरुआती संघर्ष
पवन सिंह ने अपने गायन करियर की शुरुआत 9 साल की उम्र में गांवों में गाना गाकर की थी। उस समय उन्हें गाने के लिए सिर्फ 10 रुपये मिलते थे। 11 साल की उम्र में उन्होंने अपना पहला गाना रिकॉर्ड किया, जो बाद में काफी लोकप्रिय हुआ। ‘ओढ़निया वाली’ गाने के बोल अशोक शिवपुरी ने लिखे थे, जबकि इसका संगीत अजीत सिंह और पवन सिंह ने तैयार किया था।
इस गाने का वीडियो बाद में टी-सीरीज हमार भोजपुरी के यूट्यूब चैनल पर 2017 में अपलोड किया गया था। इस गाने को आज भी लोग देख और सुन रहे हैं। कमेंट सेक्शन में फैंस पवन सिंह के संघर्ष और उनके पुराने दिनों को याद करते हैं।
सफलता की ऊँचाई पर पवन सिंह
पवन सिंह की मेहनत और संघर्ष का फल है कि आज वह भोजपुरी सिनेमा के सबसे चर्चित गायक हैं। एक समय था जब उन्हें गाने के लिए सिर्फ 10 रुपये मिलते थे, लेकिन आज एक गाने के लिए उन्हें 3 से 4 लाख रुपये मिलते हैं। एक स्टेज शो के लिए उनकी फीस 15 लाख रुपये तक होती है।
पवन सिंह के प्रसिद्ध गानों में ‘लॉलीपॉप लागेलू’ और ‘छलकता हमरो जवनिया’ शामिल हैं, जिन्होंने भोजपुरी संगीत को देश-विदेश में पहचान दिलाई है। उनके गानों को यूट्यूब पर करोड़ों व्यूज मिलते हैं, जो उनकी लोकप्रियता का प्रमाण है।
पवन सिंह के हिट गाने
पवन सिंह के गाने ‘लॉलीपॉप लागेलू’ को 283 मिलियन से ज्यादा, ‘छलकता हमरो जवनिया’ को 76.7 करोड़ से अधिक, ‘रात दिया बुताके’ को 63 करोड़ से ज्यादा, ‘घाघरी’ को 120 मिलियन और ‘सॉरी सॉरी’ को 41 मिलियन से अधिक व्यूज मिल चुके हैं।
पवन सिंह की यह कहानी बताती है कि अगर कोई व्यक्ति मेहनत और लगन से काम करे, तो वह छोटी शुरुआत से भी बड़ी पहचान बना सकता है।
Source: NDTV India
